काशी को मिली वाराणसी की पहली इलेक्ट्रिक चार्जिंग बस स्टेशन की सौगात

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आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भारत को पेट्रोलियम से निर्भरता कम कराने के उद्देश्य से सरकार ने देश में संचालित वाहनों को इलेक्ट्रिक वेहिकल में परिवर्तित करने की योजना बनाई है। एवं इस योजना को सफल बनाने में उत्तर प्रदेश व वाराणसी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के 14 नगरों में 700 एसी बसें चलाई जानी हैं। इन बसों में साधारण किराया लिया जाएगा। इनको चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है लखनऊ में 140, आगरा व कानपुर में 100-100, मथुरा-वृंदावन, गाजियाबाद, मेरठ, वाराणसी व प्रयागराज में 50-50 बसें और अलीगढ़, बरेली, मुरादाबाद, शाहजहांपुर, गोरखपुर व झांसी में 25-25 बसें चलाई जा रही हैं तथा इनके भी संख्या में वृद्धि की जा रही है।

जानकारी के लिए बता दें की स्मार्ट सिटी के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत 26 सितंबर को उत्तर प्रदेश के प्रमुख नगरों में इलेक्ट्रिक बस सेवा का शुभारंभ किया था।

इसी क्रम में वाराणसी (Varanasi) में बने इस इलेक्ट्रिक बस के चार्जिंग स्टेशन (Electric Bus Charging Station) की जानकारी के लिए बता दें की वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन से 23 किमी दूर वाराणसी-प्रयागराज हाइवे मार्ग पर राजातालाब तहसील व आराजीलाइन ब्लाक के अंतर्गत पड़ने वाले मिर्जामुराद के गौर गांव में इस चार्जिंग स्टेशन को बनाया गया है।

Charging Station

बता दें की इस चार्जिंग स्टेशन के लिए ग्राम पंचायत द्वारा वर्ष 2019 में हाइवे किनारे स्टेशन को बनाने का प्रस्ताव पारित कर  बनाया गया हैं। जिसमें इस स्थान पर पोखरा होने के कारण से विलंब हुआ था।

वर्तमान समय में यह चार्जिंग स्टेशन पूर्ण रूप से सज्ज हो चुका है तथा इस इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन पर टीनशेड के दो फ्लोर का वर्कशाप भी बनाया गया हैं। वर्कशाप में कुल 18 कमरे बनाएं गए हैं।

लालपुर विद्युत उपकेन्द्र से बिजली के खंभे व तार लगाए गए हैं। दो बड़े-बड़े विद्युत ट्रांसफार्मर लगने के साथ ही पानी हेतु पंप की बोरिंग की गई हैं। यहाँ पर बसों को चार्ज करने हेतु इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वाईंट बनाए गए हैं।

बता दें की एक प्वाईंट पर दो बसे चार्ज होंगी। एक प्वाईंट बनाने में पन्द्रह स्क्वायर मीटर भूमि का प्रयोग हुआ है। एवं यहाँ पर लगभग 22 बसें एक बार में चार्ज हो सकती हैं। आपको हम वाराणसी के पहले इस इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन की ड्रोन व्यू भी दिखा रहे हैं।

जानकारी के लिए बता दें की चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पीएमवाई इलेक्ट्रो मोबिलिटी सॉल्यूशंस प्रालि. कंसॉशियम द्वारा स्थापित किया जा रहा है। मेंटीनेंस डिपों बनाने का काम सीएंडडीएस द्वारा हुआ है।

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अब यदि आपको हम इलेक्ट्रिक बस की जानकारी दें तो बता दें की यह बस मिर्जामुराद डिपो से मोहनसराय होते हुए कैंट आती हैं और यहाँ से अन्य रूटों के लिए प्रस्थान करती हैं। एक बार फुल चार्ज होने पर यह बस 120 किलोमीटर तक चलती है। एवं इसे फुल चार्ज होने में लगभग 50 मिनट का समय लगता है।

इस इलेक्ट्रिक बसों की विशेषताओं के बारे में बता दें की ये सभी इलेक्ट्रानिक बसें फुल्ली आटोमैटिक और वातानुकूलित हैं। तथा साउंड प्रूफ भी हैं। इसमें दिव्यांगों को लेकर अलग से व्यवस्था की गयी है। इसमें चालक को लेकर 29 सीटें हैं, जिसमें 2 जनप्रतिनिधियों, 2 दिव्यांगों और 4 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

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तथा इस बस में 5 कैमरे भी लगाए गए हैं। इसमें तीन कैमरे बस के अंदर और 2 कैमरे बस के बाहर लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त सभी सीट पर पैनिक बटन लगाए गए हैं जिससे कोई भी यात्री अपने गंतवय पर उतरने के लिए इस बटन को दबाकर ड्राइवर को बस रोकने के लिए सन्देश भेज सकता है। इसके अतिरिक्त इसमें डिजिटल डेस्टिनेशन बोर्ड लगाया गया है जिससे यात्रियों को अगले स्टॉप की जानकारी मिलती रहेगी।

कुछ और विशेषताओं की बात करें तो ये बसें लो फ्लोर होने के साथ ही ध्वनि प्रदूषण से मुक्त भी हैं तथा इसकी सीटें एडजेसटेबिल हैं। एवं तेज चार्जिंग के साथ इसमें फायर उपकरण भी उपलब्ध हैं।

इस बस में विशेषता है कि जब तक प्रवेश द्वार बंद नहीं होगा तब तक बस स्टार्ट ही नहीं होगी और बस के द्वार को यात्री बाहर से भी पुश बटन दबाकर खोल सकेंगे। वर्तमान में इन बसों का चार्जिंग पॉइंट मिर्जामुराद में बनाया गया है तथा शीघ्र ही नगर में और भी चार्जिंग स्टेशन बनने हैं। इसके अतिरिक्त बस स्टेशन पर एक्सपर्ट इस इलेक्ट्रानिक फुल्ली आटोमैटिक बस की लोकेशन भी हर समय वाच कर सकते हैं।

बता दें की यह बस पूरी मोबाइल की तरह है, जैसे वो चार्ज करने पर चलता है वैसे ही ये भी चार्ज करने पर चलती है। इस बस में कई सारी सुविधाएं हैं। उसमे सबसे अच्छी सुविधा ये है कि ये डस्ट फ्री फुल्ली वातानुकूलित बस है। इसके अतिरिक्त इसमें जानकारी यात्री तक पहुंचाने के लिए वायरलेस अनाउंसमेंट सिस्टम भी लगाया गया है।

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बता दें की पहले चरण में 25 इलेक्ट्रिक बस वाराणसी के सात रूट पर दौड़ाई जा रही है

इनमें मिर्जामुराद से कैंट, बाबतपुर वाया मोहनसराय।

मिर्जामुराद से लंका, कैंट, सिंधौरा वाया मोहनसराय।

मिर्जामुराद से जंसा, कैंट, लंका वाया राजातालाब

मिर्जामुराद से कैंट, सारनाथ वाया अखरी व बीएलडब्ल्यू इत्यादि

दूसरे चरण में 25 और नई ई-बसें आ रही है। इन्हे विभिन्न क्षेत्रों में चलाने के लिए यातायात विभाग से अनुमति मांगी गई है। कैंट स्टेशन – पड़ाव मार्ग सहित यात्री दबाव वाले विभिन्न क्षेत्रों में भी शीघ्र ही ये बसें चलेंगी। एक फरवरी से रामनगर और चौबेपुर रूट पर इलेक्ट्रिक बसें चलाने की स्वीकृति मिल गई है। नई रूटों का किराया भी निर्धारित कर लिया गया है। कैंट से रामनगर का किराया 25 रुपये, लंका से रामनगर 10 रुपये और कैंट से चौबेपुर का किराया 25 रुपये तय किया गया है।

बता दें की इलेक्ट्रिक बस देशी-विदेसी पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। व्हीलचेयर के लिए फोल्डिंग रैंप, दिव्यांगों के लिए नीची सीट तथा चालक की सुविधा के लिए एडजस्टेबल सीट और आटोमेटिक गियर भी है।

जानकारी के लिए बता दें की आधिकारिक तौर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वार 4 जनवरी को वाराणसी के पहले इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया गया है।

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महत्वपूर्ण यह भी है कि गत 11 दिसंबर को नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने हरी झंडी दिखाकर इस परियोजना का शुभारंभ किया था। एवं 11 दिसंबर से ही स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत वाराणसी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में इलेक्ट्रिक बसों को सम्मिलित कर लिया गया है।

महत्वपूर्ण है कि नगर में इलेक्ट्रिक बस चलने से जहाँ एक ओर नगरवासीयों को नवीन व अत्याधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं तथा यात्रा सुगम हो रहा एवं प्रदूषण रहीत बसें होने से पर्यावरण को भी लाभ मिल रहा है तो वहीं दूसरी ओर वाराणसी में आधुनिक स्मार्ट बसों के चलने से नगर की आधुनिक छवि भी विकसित हो रही है जोकी काशी की छवि को वैश्वीक स्तर पर ऊँचा कर देश की धर्म नगरी होने के नाते भारत के सम्मान में भी वृद्धि कर रही है।

मित्रों यदि आपको उपरोक्त वाराणसी के पहले इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन व इलेक्ट्रिक बसों की जानकारी पसंद आई हो तो हर हर महादेव कमेंट बाॅक्स में अवश्य लिखें।

अधिक जानकारी के लिए वीडियो देखें:

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