योगी के यूपी में हो रहे विकास से बिहार की चाँदी

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CM योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक्सप्रेस प्रदेश बन रहे उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में एक ऐसा एक्सप्रेसवे बन रहा है जो उत्तर प्रदेश वासियों के लिए तो किसी उपहार से कम नहीं है परंतु यह बिहार वासीयों के लिए भी नवीन संभावनाओं का निर्माण करेगा।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनामी बनाने का लक्ष्य रखा है। और इस लक्ष्य प्राप्ति की ओर वह अग्रसर हैं तथा यह आधारभूत संरचनाओं के उत्कृष्ट निर्माण के बिना कैसे हो सकता है।

बता दें कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से जुड़े समाचार पिछले लगभग 1 वर्ष से आ रहे हैं और यह कई बार जनता को कंफ्यूज भी कर रहे हैं। परंतु अब इस पर स्पष्टता आ चुकी है।

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जानकारी के लिए बता दें कि बलिया लिंक एक्सप्रेसवे (Ballia Link Expressway) एक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा और इस ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। हैदराबाद की कंपनी आरबी एसोसिएट इसकी डीपीआर बना रही है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आरंभ हो चुकी है, इसमें बलिया सदर तहसील में 495 हेक्टेयर और बैरिया में 245 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित किये जाने की स्वीकृति मिली है। दोनों तहसीलों को मिलाकर दो हजार से अधिक किसानों से भूमि ली जाएगी। उन्हें क्षतिपूर्ति दिया जाएगा। मिट्टी की जांच लखनऊ का अरूण स्वायल लैब कर रहा है। टीम ने दो चरण की जांच पूरी भी कर ली है। तीसरे चरण की जांच चल रही है। उसके पश्चात डीपीआर में एक्सप्रेसवे का मानक भी तय होगा।

जानकारी हेतु बता दें कि पांच हजार करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित यह एक्सप्रेसवे गाजीपुर से बलिया के मांझी घाट तक 118 किमी लंबा होगा। तथा इसकी चौड़ाई 60 मीटर होगी।
वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के जंगीपुर के पास इस एक्सप्रेसवे को जोड़ा जाएगा। यहीं से यह एक्सप्रेसवे का आरंभ होगा। सबसे महत्वपूर्ण है कि कार्य पूरा होने के पश्चात इसे ही एनएच-31 घोषित कर दिया जाएगा। जंगीपुर से लगभग 14 किमी आगे इसे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ दिया जाएगा। भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई आरंभ भी हो गई है।

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आगामी सितम्बर माह में टेंडर की प्रक्रिया पूरी करने के साथ ही दिसम्बर में निर्माण कार्य भी आरंभ कर दिया जाएगा। तथा 2025 तक एक्सप्रेसवे के पूर्ण करने का लक्ष्य है। अर्थात अगले लगभग 3 वर्ष में यह नवीन मार्ग जनता को समर्पित हो जाएगा। इस बलिया लिंक एक्सप्रेसवे के दोनों ओर पेड़-पौधाें की हरियाली होगी, इससे पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा।
बता दें कि एक्सप्रेसवे जनपद के दो तहसीलों के कुल 98 गांवों से होकर निकलेगा। जनपद के सदर तहसील के 82 गांव सम्मिलित हैं तथा बैरिया तहसील के 16 गांव सम्मिलित हैं। जिनके नाम हैं :-
सदर तहसील :शाहपुर, लकौरा, बढ़वलिया, हरदत्तपुर, टिकारी, बशरतपुर, हैबतपुर, खोरीपाकड़, सर्फुदीदनपुर, माल्देपुर, विजयीपुर, बनकटा, कंसपुर, मोहनछपरा, नगवां, भेलसर, भीमपट्टी, कछुवा खास, मुड़ाडीह, लाखपुर, बेलहरी, दुधैला, रघुनाथपुर, दिघार समेत 82 गांव सम्मिलित हैं।
बैरिया तहसील के कंचनपुर, रामपुर, छेड़ीडीह, नकागांव, बलिहार, दयाछपरा, दलपतपुर, जगदेवा, टेंगरहीं, सोनबरसा, इब्राहिमाबाद उपरवार, चांददियर आदि सहित 16 गांव सम्मिलित हैं।

बलिया लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना की वर्तमान परिस्थिति की अधिक जानकारी हेतु बता दें कि उत्‍तर प्रदेश में गाजीपुर से बलिया मांझीघाट ग्रीनफील्ड मार्ग निर्माण के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के बीच बीते सप्ताह एक अनुबंध (एमओयू) हुआ। इस पर यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी और एनएचएआइ के क्षेत्रीय अधिकारी विपनेश शर्मा ने हस्ताक्षर किए हैं।

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और इस अनुबंध के अनुसार गाजीपुर और बलिया में भूमि खरीदने के लिए संबंधित जिले के राजस्व अधिकारियों के साथ विचार विमर्श और निगरानी यूपीडा द्वारा की जाएगी। किसानों की सहमति से प्राथमिकता के आधार पर भूमि ली जाएगी। अवनीश कुमार अवस्थी के अनुसार इस काम के लिए भूमि क्रय अनुमोदन समिति गठित की जाएगी, जिसमें एनएचएआइ के प्रतिनिधि सदस्य सचिव होंगे।

50 करोड़ रुपये से अधिक लागत अंतर्निहित होने पर परियोजना के लिए क्रय की जाने वाली भूमि की दर और कुल भूमि मूल्य पर एनएचएआइ के सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदन दिया जाएगा। धनराशि यूपीडा को उपलब्ध कराई जाएगी। किसानों की सहमति से भूमि क्रय के बाद परियोजना के लिए शेष भूमि का अर्जन एनएचएआइ करेगा। यह सड़क पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को बलिया से जोड़ेगी, जिससे एक्सप्रेसवे पर यातायात अत्यधिक बढ़ जाएगा।

बता दें क‍ि उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को लगभग 22,495 करोड़ रुपए की लागत से तैयार क‍िया गया है। इस पर लोग अब लखनऊ से बाराबंकी, अमेठी, सुलतानपुर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, आजमगढ़ व मऊ से गाजीपुर तक जाते हैं।

अब हम आपको बिहार के परिप्रेक्ष्य में जानकारी देते हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश में नये बने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का विस्तार अब बिहार में भागलपुर तक होगा। राज्य में इस एक्सप्रेसवे से लगभग छह जिले सीधे तौर पर जुड़ेंगे। चार और छह लेन के इस एक्सप्रेस-वे की लंबाई बक्सर से भागलपुर तक लगभग 350 किलोमीटर होगी। यह पूरी तरह ग्रीनफील्ड होगी अर्थात इस सड़क का पटना से भागलपुर तक नये तरीके से निर्माण होगा। इससे पटना से भागलपुर जाना अत्यंत सुगम हो जायेगा और समय भी काफी कम लगेगा।

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केंद्र और राज्य सरकार से स्वीकृति मिलने के पश्चात इस एक्सप्रेसवे की फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार होनी है। यह एक्सप्रेसवे भारतमाला फेज-2 में सम्मिलित है।
बता दें कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा से लगभग 17 किमी पूर्व में एनएच-31 पर स्थित गांव हैदरिया में समाप्त होता है। उस सड़क को बक्सर जिले तक कनेक्टिविटी देने के लिए लगभग 17 किमी की लंबाई में एक एनएच का निर्माण होगा। तथा सरकार से इसकी स्वीकृति मिल चुकी है।

महत्वपूर्ण है कि बक्सर से पटना तक इसकी लंबाई लगभग 110 किमी होगी। इसके साथ ही इस एक्सप्रेसवे को आरा रिंग रोड से जोड़ने के लिए 381 करोड़ की लागत से लगभग 12 किमी लंबाई में कनेक्टिंग रोड बनायी जाएगी। साथ ही इस एक्सप्रेस-वे की कनेक्टिविटी राज्य में गंगा नदी पर बने अधिकतर पुलों से करने की योजना भी है।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का विस्तार भागलपुर तक होने के पश्चात दिल्ली तक आवागमन सुगम हो जायेगा। वर्तमान में यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के नौ नगरों से होकर गुजरता है। इसमें लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, अम्बेडकर नगर, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर सम्मिलित हैं। इस एक्सप्रेस-वे से वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज जैसे जिलों को भी लाभ हो रहा है।
वहीं दूसरी ओर गाजीपुर से मांझीघिट तक बनने वाला यह बलिया लिंक एक्सप्रेसवे गाजीपुर के शाहपुर से निकलेगा और चितबड़ागांव, मालदेपुर, नगवां, हल्दी, सोनवानी होते हुए दया छपरा, टेंगरहीं बिड़ला बांध, मठ योगेन्द्र गिरी के रास्ते मांझी घाट तक जाएगा और उससे आगे बिहार के रिविलगंज में नए प्रस्तावित बाईपास से जुड़ जाएगा।

अर्थात पटना से यदि आप दिल्ली जाना चाहते हैं तो छपरा बलिया होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को पकड़ सकते हैं अथवा आरा बक्सर से होते हुए गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के रास्ते दिल्ली को निकल सकते हैं।

मित्रों यदि उपरोक्त दी हुई बलिया लिंक एक्सप्रेसवे की जानकारी पसंद आई हो तो कमेंट बाॅक्स में हर हर महादेव अवश्य लिखें।
अधिक जानकारी के लिए वीडियो देखें:

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