भारत की पहली बुलेट ट्रेन कब से चलेगी, हुई बहुत बड़ी घोषणा

Getting your Trinity Audio player ready...

देश के विकास को गति प्रदान करने के उद्देश्य से भारत में वृहद High speed trains का जाल बिछ रहा है। पहली बुलेट ट्रेन वर्ष 2027 से आम लोगों के लिए चलना आरंभ कर देगी और इसका पहला ट्रायल 2026 में ही हो जाएगा।

भारत में जब बुलेट ट्रेन चलाने की योजना बनी तो इसमें सबसे पहले मुंबई से लेकर करणावती तक अर्थात वर्तमान के अहमदाबाद को चुना गया था। तथा इस परियोजना की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है। एवं इसमें कुल 12 स्टेशन बनने हैं जिनके नाम हैं।
1. मुंबई (बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स)
2. ठाणे
3. विरार
4. बोइसर
5. वापी
6. बिलिमोरा
7. सूरत
8. भरूच
9. वडोदरा
10. आनंद / नडियाद
11. अहमदाबाद और
12. साबरमती

Also Read
संगम नगरी में ख़ुशी के लहर, प्रयागराज रिंग रोड परियोजना ने पकड़ी रफ़्तार

यूपी के राजधानी लखनऊ का अब होगा जबरदस्त कायापलट

बता दें की मुंबई – अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना (Mumbai Ahmedabad Bullet Train) के अंतर्गत जो 508 किलोमीटर लंबाई की पहली बुलेट ट्रेन ट्रैक बननी है। उस 508 किलोमीटर में से, 352 किलोमीटर का भाग गुजरात में और दादरा और नगर हवेली में 4 किलोमीटर और शेष 156 किलोमीटर का भाग महाराष्ट्र में स्थित है।

मुंबई से अहमदाबाद के बीच बन रहा देश का पहला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का ड्रीम प्रोजेक्ट है। पहले इसको पूरा करने का टारगेट 2023 रखा गया था। परंतु गुजरात और महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण में देरी ने इस प्रोजेक्ट को लटका दिया। बाकी रही सही कसर कोविड ने भी पूरी कर दी। अब कहीं जाकर फिर से NHSRCL ने इसके काम को गति प्रदान की है।

बता दें कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन का परीक्षण 350 किमी प्रति घंटे की गति से किया जाएगा, जो हवाई जहाज की टेक-ऑफ गति के समतुल्य है। अधिकारियों के अनुसार, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का पहला परीक्षण वर्ष 2026 में गुजरात के बिलिमोरा और सूरत के बीच किया जाएगा, इसके बाद अन्य हिस्सों में होगा। इन हाई-स्पीड ट्रेनों की परिचालन गति 320 किमी प्रति घंटे होगी।

अधिकारियों के अनुसार, बुलेट ट्रेनें विशेष पटरियों “स्लैब ट्रैक सिस्टम” पर चलेंगी, जिसे जापान द्वारा पेटेंट किए गए ट्रैक के निर्माण के लिए एचएसआर तकनीक के रूप में जाना जाता है। जो कि 350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनें इन रेल पटरियों पर चलने के लिए उपयुक्त होती हैं।

Also Read
उत्तरप्रदेश में दौड़ी ख़ुशी के लहर, गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू

श्री राम भक्तों को राम वन गमन मार्ग की बड़ी सौगात, निर्माण हुआ शुरू

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में तेजी लाने और परीक्षण के लिए गति प्रदान किया जा रहा है। तथा विशेष यह है कि गुजरात में एनएचएसआरसीएल ने पहले ही परियोजना के लिए आवश्यक 99 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण कर लिया है।

बता दें कि मुंबई से अहमदाबाद (Mumbai- Ahmedabad Bullet Train) के मध्य में बन रहा देश का पहला हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का काम तेज गति से चलने लगा है। चूंकि जापान (Japan) के सहयोग से इस पहली बुलेट ट्रेन परियोजना (Bullet Train Project) का काम चल रहा है, इस कारण से इस प्रोजेक्ट को लेकर जापान भी अपनी दृष्टि बनाए हुए है। यही कारण है कि जापान के राजदूत सतोशी सुजुकी भी डेलिगेशन के साथ गुजरात (Gujarat) पहुंचे और कंस्ट्रक्शन साइट का निरिक्षण किया।

आपके मन‌ में प्रश्न होगा कि कब तक चलेगी यह पहली बुलेट ट्रेन? तो आपको बता दें कि अधिकारियों के अनुसार 2026 में मुंबई-अहमदाबाद के मध्य में बुलेट ट्रेन का ट्रायल आरंभ हो जाएगा। इसके पश्चात 2027 की आरंभ में देश की पहली बुलेट ट्रेन चलने लगेगी। सूरत से बिलिमोरा के मध्य में लगभग 50 किलोमीटर के हिस्से में यह ट्रायल आरंभ होगा। गुजरात में 99 फीसदी भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है और तेज गति से निर्माण कार्य चल रहा है। और आपके मन में यदि यह प्रश्न है कि क्यों पूरा नहीं हुआ प्रोजेक्ट को तय समय का टारगेट? तो आपको बता दें कि इसका बड़ा कारण महाराष्ट्र में स्थानीय राजनीत है BJP और शिवसेना के मध्य बिगड़े राजनीतिक समीकरण का प्रभाव इस प्रोजेक्ट पर भी पड़ा।

Also Read
भारत में ये बुलेट ट्रेन सबसे पहले दौड़ेगी, परियोजना ने पकड़ी रफ़्तार

माँ शारदा के भक्तों को बड़ी सौगात, 75 वर्षों बाद कश्मीर में मंदिर बनना शुरू

और स्थानीय सरकार के असहयोग के चलते मुंबई में प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण नहीं हुआ। परिस्थिति ये रही कि बुलेट ट्रेन के मुंबई कुर्ला टर्मिनल का टेंडर 11 बार NHSRCL को रद्द करना पड़ा। अभी भी महाराष्ट्र में 68 प्रतिशत भूमि ही इस प्रोजेक्ट को मिल सकी है।

बहरहाल यह प्रोजेक्ट कितना महत्वपूर्ण है इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव प्रतिदिन काम काज का लेखाजोखा लेते हैं और रिपोर्ट प्रधानमंत्री को जाती है। केंद्र सरकार का प्रयास ये है कि भले ही इस प्रोजेक्ट में देरी हुई हो परंतु देश की पहली बुलेट ट्रेन का स्वप्न हर हाल में पूरा होना चाहिए।

रेलवे के अधिकारियों के अनुसार अब तक इस प्रोजेक्ट में गुजरात के भीतर अधिकतर कार्य पूरा हो चुका है। गुजरात में अहमदाबाद का साबरमती रेलवे स्टेशन लगभग बनकर तैयार है। दूसरे रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य चल रहा है। बिलिमोरा, वडोदरा, आनंद, वापी ,सूरत, भरूच के रेलवे स्टेशन का काम भी तेजी से किया जा रहा है। इस कॉरिडोर के मध्य में आने वाली नर्मदा, ताप्ती, माही और साबरमती जैसी नदियों पर पुल का निर्माण कार्य भी जोर-शोर से चल रहा है।

Bullet Train

जापान से प्राप्त डिजाइनों का उपयोग करते हुए, विकास पूर्ण अवधि लॉन्चिंग विधि के माध्यम से किया जा रहा है, जो विश्व की सबसे परिष्कृत पुल निर्माण तकनीक में से एक है। बिलिमोरा और सूरत के मध्य, NHSRCL ने प्रति माह 200-250 स्तंभ बनाए हैं। एमएएचएसआर परियोजना के अंतर्गत सबसे लंबा पुल, जो नर्मदा नदी पर अशांत हवाओं के साथ-साथ ज्वार की लहरों के साथ बनाया जा रहा है, जुलाई 2024 तक पूरा हो जाएगा।

अब हम आपको इस बुलेट ट्रेन की विशेषताओं की जानकारी देते हैं। भारत की इस महत्वाकांक्षी ‘बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट’ के लिए जापान की हाई स्पीड की ट्रेन शिंकानसेन को ही भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप से ढाला जा रहा है। भारत के तापमान, धूल और भार के अनुरूप से इस ट्रेन में परिवर्तन किया जा रहा है।

अधिक जानकारी हेतु बता दें कि भारत में बुलेट ट्रेन (Bullet Train in india) प्रोजेक्ट में सबसे पहले आने वाले ई5 सीरीज ट्रेन हिताची और कावासाकी हेवी इंडस्ट्रीज द्वारा निर्मित जापानी शिंकानसेन हाई-स्पीड ट्रेन का ही एक प्रकार है। ये ट्रेन 320 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ने में सक्षम है और 3.35 मीटर चौड़ी है। इस प्रकार की ट्रेनों में सबसे चौड़ी ट्रेन केवल फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों में ही उपलब्ध है। जापानी इस पहलू पर भी काम कर रहे हैं कि ये ट्रेनें ‘भारतीय वजन’ ढोने में सक्षम हों, क्योंकि जापानियों का भार कम होता है।

जापान आरंभ में छह ट्रेनें भेजेगा जो भारतीय विनिर्देशों के अनुसार संशोधित की गई हैं, और देश में यहां असेंबल करने के लिए नॉकडाउन स्थिति में कोच भी लाएंगे।
बता दें कि जापान की E5 श्रृंखला की शिंकानसेन हाई-स्पीड ट्रेन एक बेहतर ट्रेन है क्योंकि श्रृंखला कई वर्षों से चल रही है। इसलिए, जब तक भारत की बुलेट ट्रेन होगी, तो उन्हें नवीनतम तकनीक से update किया जाएगा।

यह भी बता दें कि ट्रेनों की यह श्रृंखला जापान के उत्तरी भाग में चल रही है और विभिन्न सुरक्षा उपायों से सुसज्जित है। इसमें भूकंपरोधी तकनीक है।

इस‌ बुलेट ट्रेन के निर्माण कार्य की वर्तमान परिस्थिति की जानकारी देते हुए बता दें कि गुजरात और दादरा और नगर हवेली में पूरे मार्ग के निर्माण के लिए 100 प्रतिशत सिविल ठेके जारी हो चुके हैं, अर्थात 352 किलोमीटर भारतीय ठेकेदारों को दिए जा रहे हैं। एवं इसमें भी गुजरात में, 237 किलोमीटर के लिए ट्रैक का काम पहले ही दिया जा चुका है और शेष 115 किलोमीटर का काम शीघ्र ही दिया जाएगा।

बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है तथा इसके गति से अहमदाबाद और मुंबई नगर के मध्य यात्रा करने के लिए 2 घंटे 58 मिनट ही लगेंगे।

मित्रों उपरोक्त दी गई मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की जानकारी पसंद आई हो तो कमेंट बाॅक्स में हर हर महादेव लिखें।

अधिक जानकारी के लिए वीडियो देखें:

video

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *