अयोध्या का सरयू रिवर फ्रंट हुआ तैयार, बनेगी राम नगरी की नई पहचान

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अयोध्या (Ayodhya) के नये युग के आरंभ के लिए श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर (Ram Mandir) का निर्माण ही नहीं हो रहा अपितु सरकार अयोध्या का संपूर्ण कायाकल्प करने को तत्पर है तथा भारत के सबसे लंबे घाट का निर्माण अब अयोध्या की नवीन पहचान बनेगा।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि एवं राम की पैड़ी व सरयू घाट का बहुत महत्व है। तथा अयोध्या आने वाला प्रत्येक दर्शनार्थी राम जन्मभूमि मंदिर के पश्चात अयोध्या के सरयू घाट के दर्शन करने अवश्य जाना चाहता है। अयोध्या में ऐसे तो लगभग 14 प्रमुख घाट हैं जिसमें राम की पैड़ी स्थित नया घाट से लेकर गुप्तारघाट तक के सरयू नदी के घाट सम्मिलित हैं। परंतु अबतक कुछ प्रमुख घाटों को छोड़कर अधिकांश सरयू नदी का किनारा कच्चा हुआ करता था। परंतु योगी राज में ऐसा कैसे हो सकता है कि सनातन संस्कृति के आधार प्रभु श्री राम की नगर अयोध्या का विकास ना हो। तो लीजिए अयोध्या को अब सबसे लंबे घाटों की सौगात मिल चुकी है।

Saryu Ghat

श्री राम नगरी अयोध्या में नया घाट से गुप्तार घाट तक को एक सूत्र में पिरोने के लिए इस पूरे क्षेत्र में नवीन घाट का निर्माण हो रहा है तथा केवल घाट ही नहीं अन्य कई जन सुविधाएं भी विकसित करने की तैयारी है।

बता दें कि दिसंबर वर्ष 2020 में अयोध्या के घाटों का विस्तार व सौंदर्यीकरण परियोजना के आरंभ की नींव रखी गई थी। जिसके लिए सि‍ंंचाई विभाग के सरयू नहर खंड द्वारा परियोजना की स्वीकृति के लिए लगभग 232 करोड़ 56 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा था।

राम नगरी अयोध्या में बढ़ते श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर प्रदेश सरकार ने सरयू तट पर एक साथ लाखों श्रद्धालु डुबकी लगा सके इसके लिए अयोध्या के सरयू घाट को नया घाट से गुप्तार घाट लगभग 6 किलोमीटर तक पक्का घाट तैयार करने की योजना बनाई थी जिसके लिए सि‍ंंचाई विभाग के सरयू नहर खंड से परियोजना तैयार करने का निर्देश था जिस पर लगभग 232 करोड़ 56 लाख की परियोजना तैयार कर शासन को सौंपी गई थी। जिसमें घाट का निर्माण के साथ सौंदर्यीकरण के अंतर्गत योजना तैयार किया गया है। तथा इसमें गुप्तारघाट से लेकर राजघाट तक लगभग छह किलोमीटर लंबे पक्के घाट के निर्माण के साथ तटबंध पर सीसी रोड व सौंदर्यीकरण भी सम्मिलित हैं।

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जिसपर की अयोध्या में गुप्तार घाट से लेकर नया घाट तक प्रस्तावित सरयू रिवर फ्रंट के निर्माण का कार्य प्रोजेक्ट सितंबर 2021 को कॉरपोरेशन को सौंपा गया था। तथा अब इस कार्य में लगभग 300 करोड़ रुपए का खर्च आने का अनुमान है।

जैसा कि आप देख सकते हैं कि इस परियोजना पर कार्य संचालित है तथा गुप्तार घाट की ओर तो घाट का निर्माण पूर्ण भी हो चुका है। यह इतना वृहद है कि भूमि स्तर से इस परियोजना व इसके निर्माण के व्यापक स्तर को नहीं समझा जा सकता।

जानकारी हेतु बता दें कि सरयू नदी के तट पर बसी हिंदू आस्था के सप्त पुरियों में से एक अयोध्या नगरी प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि है। सरयू तट पर कई प्राचीन घाट हैं। हर एक घाट से जुड़ी पौराणिक कथाएं हैं। इसी प्रकार से एक घाट ऐसा हैं जहां श्रीराम ने सरयू में उतरकर जल समाधी ले ली थी। बता दें कि सरयू नदी के किनारे 14 प्रमुख घाट हैं। इनमें गुप्त द्वार घाट (Guptar Ghat) , कैकेयी घाट, कौशल्या घाट, पापमोचन घाट, लक्ष्मण घाट या सहस्रधारा घाट, ऋणमोचन घाट, शिवाला घाट, जटाई घाट, अहिल्याबाई घाट, धौरहरा घाट, नया घाट और जानकी घाट आदि विशेष हैं।

under construction ghat

इसमें यदि गुप्तार घाट की जानकारी दें तो बता दें कि इसी स्थान पर श्रीराम ने भरत और शत्रुघ्न की पत्नियों और अयोध्या के सभी नगरवासियों सहित जल समाधि लेकर साकेत धाम को गमन किया था। कहते हैं कि इस घाट पर नदी में डुबकी लगाने वाला कभी यमपुरी का दर्शन नहीं करता है और भगवान् के ही धाम को पहुंच जाता है।

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वर्तमान के घाट का 19 वीं सदी में राजा दर्शन सिंह द्वारा नवनिर्माण करवाया गया था। घाट पर राम जानकी मंदिर, पुराने चरण पादुका मंदिर, नरसिंह मंदिर और हनुमान मंदिर स्थित है, जिसके लोग दर्शन कर सकते हैं। यहीं पर घाट के निकट मिलिट्री मंदिर, अंग्रेजी सरकार के समयावधि से सुव्यवस्थित कम्पनी गार्डन एवं राजकीय उद्यान भी है जहां नगरवासी परिवार के साथ छुट्टीयां मनाते हैं।

यहां पर नौका विहार करने के आनंद ही कुछ और है। लंबे तट पर रेतीले मैदानों के इर्द-गिर्द हरियाली और एकदम शान्त वातावरण एवं सूर्यास्त की निराली छटा लोगों को बरबस अपनी ओर आकर्षित करती है। वैसे यह नवीन तट बंध के स्वरूप में निर्माणाधीन वृहद स्तर के घाट अयोध्या की सुंदरता में अकल्पनीय वृद्धि तो करेंगे ही साथ ही यह बहु-प्रतीक्षित निर्माण नवीन सरयू रिवर फ्रंट (Saryu River Front) के नाम से जाना जाएगा।

Under construction saryu ghat

कर्णावती का साबरमती रिवर फ्रंट तथा लक्ष्मणपुरी का गोमती रिवर फ्रंट जैसे ही अब प्रदेश में एक और रिवर फ्रंट होगा जिसका नाम सरयू रिवर फ्रंट होगा। वैसे इसके अतिरिक्त आपको हम बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी गंगा रिवर फ्रंट बनाने का मार्ग प्रशस्त हो चुका है जिसकी जानकारी हमने आपको अपनी पिछली वीडियो में दी थी।
आपको बता दें कि सरयू रिवर फ्रंट परियोजना में विभिन्न जन सुविधाएं, सीसी रोड, रामायण कालीन पौधारोपण भी होगा तथा इसके साथ-साथ रेस्टोरेंट भोजनालय, विश्राम गृह आदि भी बनाए जाने हैं।

सरयू रिवर फ्रंट पर लगने वाली टाइल्स भी कलात्मक होंगी। पौधरोपण के लिए पौधों की नर्सरी प्रोजेक्ट कारपोरेशन स्वयं तैयार कराएगा। यहां पर घाटों के निर्माण हेतु पहले पत्थरों को करीने से सज्ज किया जा रहा है तत्पश्चात उसके ऊपर घाटों की सीढ़ियां आदि का निर्माण हो रहा है तथा इस कार्य में कई श्रमिकों के साथ पोकलेन मशीन आदि का प्रयोग भी हो रहा है।

सनातन आस्था के प्रतीक प्रभु राम की नगरी अयोध्या को आधुनिकता और परंपरा के अद्भुत संगम के रूप में चहुँमुखी विकास करके इस नगर को वैश्विक मानचित्र पर अंकित कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। यह नवीन अयोध्या को अन्य नगरों के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में प्रस्तुत करेगा। तथा अयोध्या के धार्मिक पर्यटन को नवीन आयाम प्रदान करेगा। अयोध्या धार्मिक पर्यटन का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। निकट भविष्य में देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक बड़ी संख्या में आएंगे। ऐसे में वहां गाइड की आवश्यकता होगी। जो रोजगार सृजन की दृष्टि से भी उपयोगी होगा।

महत्वपूर्ण है कि 300 करोड़ रुपए की लागत से सरयू रिवर फ्रंट के निर्माण से पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी। और इससे हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। तथा देश को वैश्विक पहचान भी मिलेगा।

Project Details

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मित्रों यदि आपको उपरोक्त दी हुई सरयू रिवर फ्रंट की विशेष जानकारी पसंद आई हो तो कमेंट बाॅक्स में जय श्री राम अवश्य लिखें।

अधिक जानकारी के लिए वीडियो देखें:

video

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