पिक्चर तो अब शुरू होगी! Vande Bharat Express रचने वाली है इतिहास

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Vande Bharat Express: वंदे भारत ट्रेन जिसे की ट्रेन 18 के नाम से भी जाना जाता है, यह भारत का एक ऐसा तुरूप का इक्का है जो भारत को भारत में ही नहीं अपितु भारत के बाहर भी अपना सिक्का जमाने में बड़ा योगदान करने वाला है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिवाली(Diwali 2022) के पश्चात देश के करोड़ों लोगों को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। शीघ्र ही देश में पांचवीं वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express Train) का संचालन किया जाएगा। पीएम मोदी (PM Modi) नवंबर महीने में इसको हरी झंडी दिखाएंगे। बता दें रेलवे विभाग ने उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों के पश्चात अब दक्षिणी क्षेत्र में वंदे भारत (vande bharat train) चलाने का निर्णय लिया है।

Vande Bharat Express
Vande Bharat Express

मित्रों आपने ट्रेन 18 अर्थात वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के बारे में इधर बीच बहुत सारी बातें सुनी होंगी और देखा होगा कि पिछले 2 माह से लगातार देश में नई वंदे भारत ट्रेनों को लॉन्च किया जा रहा है। संभव है कि आपने भी इस ट्रेन में अपनी यात्रा की होगी और यदि नहीं किए होंगे तो इसमें यात्रा करने के आप उत्सुक तो अवश्य होंगे। तो आइए वीडियो में आगे बढ़ते हैं और आपको इस ट्रेन की ढ़ेरों विशेषताएं व जानकारियां बताते हैं।

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बता दें देश की पहली सेमी हाई-स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस 15 फरवरी वर्ष 2019 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरंभ की गई थी। वर्ष 2017 की आरंभ में इस ट्रेन को बनाने की योजना बनाई गई थी। तथा 27 जनवरी 2019 को इस सेवा का नाम ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ रखा गया था।

वंदे भारत एक्सप्रेस या ट्रेन 18 कुछ मामूली घटकों को छोड़कर भारत में ही निर्मित है और वंदे भारत ट्रेनों को मेक इन इंडिया इनीशिएटिव के अंतर्गत पेरंबूर, चेन्नई में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया है। इसके निर्माण में 18 महीने लगे हैं।

इसके पहले रेक की लागत ₹100 करोड़ (US$13 मिलियन) आंकी गई थी, हालांकि इसके पश्चात के उत्पादन के साथ इसकी लागत और भी कम हो रही है। तथा मूल कीमत पर, यह यूरोप से आयातित ट्रेन की तुलना में 40% सस्ता भी है।

वर्तमान में यह एक सेमी-हाई-स्पीड, इंटरसिटी, इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट ट्रेन है जो भारतीय रेलवे द्वारा अक्टूबर 2022 तक 4 मार्गों पर संचालित होती है जो कि वर्तमान में:एक नई दिल्ली और वाराणसी के मध्य।नई दिल्ली से कटरा के लिए दूसरा।तीसरा मुंबई से गांधीनगर का है।चौथा है हिमालय के ऊना से-नई दिल्ली तक।

Bullet Train
Bullet Train

परंतु यहां पर शुभ समाचार यह है कि देश की 5वीं वंदे भारत ट्रेन 10 नवंबर 2022 को लॉन्च की जा रही है। यह ट्रेन चेन्नई बेंगलुरु-मैसुरु रूट पर चलेगी। इस ट्रेन के पटरी पर उतरते ही दक्षिण भारत में भी वंदे भारत की सर्विस आरंभ हो जाएगी। यह ट्रेन लगभग 483 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

यदि हम इसके कुछ विशेषताओं की जानकारी दें तो आपको बता दें कि इस ट्रेन में एक स्व-चालित इंजन है जो डीजल बचा सकता है और बिजली के उपयोग को 30% तक कम कर सकता है।

यही नहीं आपको हम बता दें कि वर्तमान समय में इस ट्रेन की द्वितीय पीढ़ी चल रही जो कि और भी विशेष है। अर्थात इस वंदे भारत ट्रेन‌ की सेकंड जनरेशन और भी एडवांस्ड है।
वंदे भारत 1 और वंदे भारत 2 में अंतर व विशेषताओं की जानकारी देते हुए आपको हम बता दें कि वंदे भारत 2 केवल 52 सेकंड में 0 से 100 किमी की गति पकड़ सकती है जो की बुलेट ट्रेन से भी अधिक है। बता दें कि जापान में निर्मित बुलेट ट्रेन को 100 किमी / घंटा की दूरी तय करने में 55 सेकंड लगते हैं।

तथा यह वंदे भारत ट्रेन 180 किमी/घंटा तक की अधिकतम गति से चल सकती है। जो कि इसके 392 टन के पिछले संस्करण से कम वजन है, और इसमें WI-FI, 32 इंच के एलसीडी टीवी भी हैं। इसके अतिरिक्त यह ट्रेनें 15 प्रतिशत अधिक ऊर्जा कुशल एसी से लैस हैं, जिसमें ट्रैक्शन मोटर की धूल रहित स्वच्छ हवा कूलिंग यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाती है।

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सुरक्षा की बात करें तो इस नए वंदे भारत के डिब्बों में बेहतर ट्रेन नियंत्रण प्रबंधन के
लिए लेवल- II सुरक्षा एकीकरण प्रमाणन है। जो किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में यात्रियों को सरलता से बाहर निकालने के लिए प्रत्येक कोच में चार आपातकालीन खिड़कियां जोड़ी गई हैं।

इसके अतिरिक्त हवा की रोगाणु मुक्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यूवी लैंप के साथ उच्च दक्षता वाले कम्प्रेसर का उपयोग करके बेहतर गर्मी वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग नियंत्रण प्रदान किया जाएगा। सभी कोचों में एरोसोल फायर सप्रेस सिस्टम पर आधारित फायर डिटेक्शन सिस्टम का प्रयोग है इससे ट्रेन की बेहतर अग्नि सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

अब हम आपको इस वंदे भारत ट्रेन‌ की कुछ महत्वपूर्ण जानकारीयां क्रमबद्ध रूप में बताते हैं।
1. भारतीय रेलवे ने अगस्त 2023 तक ऐसी 75 ट्रेनों के निर्माण का लक्ष्य रखा है।
2. भारतीय रेलवे अगले कुछ वर्षों में देश भर के मार्गों पर 400 वंदे भारत ट्रेनों को आरंभ करेगा, जिनमें से 100 का निर्माण महाराष्ट्र के लातूर में रेल कोच फैक्ट्री में किया जाएगा। यह कारखाना 350 एकड़ भूमि पर स्थापित किया गया है।

Train 18
Vande Bharat Train

3. वंदे भारत का स्पीड ट्रायल कोटा-नागदा रेलवे सेक्शन पर भी विभिन्न स्पीड लेवल पर किया गया. इस समयावधि में कई स्थानों पर इस ट्रेन ने 180 किमी प्रति घंटे की गति को छूआ।
4. वंदे भारत ट्रेन पूरी तरह से भारत में निर्मित है। यह सेल्फ प्रोपेल्ड इंजन वाली ट्रेन है, अर्थात इसमें अलग इंजन नहीं है। इसमें स्वचालित द्वार और वातानुकूलित चेयर कार कोच और एक घूमने वाली कुर्सी है जो 180 डिग्री तक घूम सकती है।

5. भारतीय रेलवे का लक्ष्य अगले वर्ष 15 अगस्त तक 75 नई वंदे भारत ट्रेनें चलाने का है। इसलिए इन ट्रेनों के निर्माण में तेजी लाई गई है और इसके लिए हर माह सात से आठ ट्रेनें तैयार होंगी।
6. भारतीय रेलवे की हर नई वंदे भारत ट्रेन में कुछ न कुछ नई तकनीक और अपग्रेडेशन हो रहा है, जिससे धीरे-धीरे लागत भी बढ़ती जा रही है। 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन के निर्माण की लागत लगभग 110 करोड़ रुपये से 120 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जबकि इसे 106 करोड़ रुपये की लागत से आरंभ किया गया था।

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7. 400 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को चलाने से लगभग 40,000 करोड़ रुपये का कारोबार होगा।
8. 400 वंदे भारत ट्रेनों के चलने से लगभग 15,000 नौकरियां और कई स्पिन-ऑफ लाभ भी सृजित करेगा।
9. मध्य प्रदेश की पहली वंदेभारत एक्सप्रेस को भी स्वीकृति मिल गई है, यह अत्याधुनिक ट्रेन मध्यप्रदेश की व्यवसायिक राजधानि इंदौर से राजस्थान की राजधानी जयपुर के मध्य चलेगी। अभी इसके लए ट्रैक उपलब्ध नहीं है। इस कारण से ट्रेन चालू होने में कुछ माह लग सकते हैं।

10. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की थी कि सितंबर 2022 से हर महीने लगभग चार वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई जाएगी।
11. वंदे भारत ट्रेनों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए रेलवे 130 करोड़ का निवेश कर रही है।
12. रेलवे इन ट्रेनों के लिए 6,000 पहियों के लिए बोलियां आमंत्रित करने के लिए भी तैयार है, जिनका निर्माण अगले कुछ महीनों में किया जाएगा।
13. सबसे बड़ी बात भारतीय रेलवे पैसेंजर ट्रेन के साथ अब ‘वंदे भारत’ सेमी हाई स्पीड मालगाड़ियां भी लाने जा रही है।
14. भारतीय रेलवे सेमी हाई-स्पीड मालगाड़ियों का निर्माण कर रहा है जो 160 किमी प्रति घंटे की गति से चल सकती हैं, जबकि वर्तमान मालगाड़ी की अधिकतम गति 75 किमी प्रति घंटे है।

15. चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) भारतीय स्वतंत्रता के मील के पत्थर वर्ष को चिह्नित करने के लिए 2022-23 में वंदे भारत डिजाइन के आधार पर 75 वंदे भारत ट्रेनों और मालगाड़ियों का निर्माण करेगी।
16. भारतीय रेलवे ने 26,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एसी स्लीपर सुविधाओं वाली 200 वंदे भारत ट्रेनों के निर्माण के लिए प्रमुख रोलिंग स्टॉक खिलाड़ियों को आमंत्रित करते हुए निविदाएं जारी की हैं।

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महत्वपूर्ण है कि ये वंदे भारत ट्रेनें भारत की तकनीकी का डंका पूरे विश्व में बजा रही हैं। जिससे अभीभूत होकर विश्व की कई देशों ने भी वंदे भारत ट्रेन‌ अपने देशों में आयात करने की मंशा जताई है जो भारत के निर्यात को भी बढ़ावा देगा और भारत में रोजगार की वृद्धि के साथ भारत के सम्मान में भी वृद्धि करेगा।

तथा सबसे महत्वपूर्ण की 320 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर चलने वाली बुलेट ट्रेन के आने का रोडमैप भी यह वंदे भारत ट्रेन‌ सज्ज कर रही हैं।

मित्रों यदि उपरोक्त दी हुई वंदे भारत ट्रेन‌ की जानकारी आपको पसंद आई हो तो वीडियो को लाइक कर अपने गांव अथवा जिला का नाम कमेंट बॉक्स में अवश्य लिखें।
अधिक जानकारी के लिए वीडियो देखें:

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