भारत ने किया ऐसा कारनामा की दुनियां हुई भौंचक्का

विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था व्यवस्था बनने के पश्चात अगले 25 वर्षों में द्वितीय अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य भारत ने साध रखा है। और इस लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु भारत ऐसा एक्सप्रेसवे बना रहा है जो होगा सबसे विशेष।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भारत सरकार देश की हर क्षेत्र में प्रत्येक कोने में विकास का सागर बहाने का पूरा प्रयास कर रही है। क्योंकि मोदी सरकार जानती है कि जब तक भारत का प्रत्येक राज्य तथा हर एक कोना भारत की विकास की धारा से अछूत रहेगा तब तक भारत की अर्थव्यवस्था का विस्तार होना असंभव है। और भारत विकसित राष्ट्र नहीं बन सकेगा। इसलिए मात्र गुजरात महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश ही नहीं अपितु अन्य राज्यों में भी विकास की नित्य नवीन परियोजनाओं को केंद्र सरकार की ओर से विकसित किया जा रहा है।

Electric Highway
Electric Highway

आपको हम इस इलेक्ट्रिक एक्सप्रेसवे परियोजना की जानकारी हेतु बता दें कि केंद्र सरकार दिल्ली से जयपुर मार्ग पर देश का पहला इलेक्ट्रिक एक्सप्रेसवे बना रही है। देश के केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दौसा में आयोजित एक कार्यक्रम में यह घोषणा की है। यह इलेक्ट्रिक एक्सप्रेसवे हर प्रकार से इलेक्ट्रिक होगा और इसमें केवल इलेक्ट्रिक वाहन ही चलेंगे।

देश में पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए सरकार लंबे समय से इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग पर बल दे रही है। अब सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक एक्सप्रेसवे बनाने की पहल की है। जिसपर वाहनों का ट्रायल भी आरंभ हो गया है।

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इलेक्ट्रिक एक्सप्रेसवे क्या है और कैसा होगा इसका निर्माण की जानकारी देने हेतु आपको हम बता दें कि साधारणतया सड़कों पर चलने वाले वाहन पेट्रोल, डीजल या सीएनजी से चलते हैं। परंतु इलेक्ट्रिक एक्सप्रेसवे ऐसा मार्ग होगा जिस पर सभी इलेक्ट्रिक वाहन चलेंगे। इलेक्ट्रिक एक्सप्रेसवे सामान्य हाईवे के जैसा ही होगा परन्तु इस सड़क के ऊपर विद्युत तार लगे रहेंगे। बता दें कि इस इलेक्ट्रिक एक्सप्रेसवे पर ट्रेनों की प्रकार से चलने वाले गाड़ियों को इन तारों से विद्युत मिलेगी और यह विद्युत इन गाड़ियों के लिए ईंधन का काम करेगी। इस इलेक्ट्रिक एक्सप्रेसवे पर इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग प्वाइंट भी स्थापित किए जाएंगे। जिससे साधारण जनता को किसी प्रकार की कठिनाई ना हो।

Electric Expressway
Electric Highway

इलेक्ट्रिक हाईवे का आरंभ हो चुका है ट्रॉयलनेशनल हाईवे फॉर इलेक्ट्रिक वीइकल्स ने वर्ष 2022 वर्ल्ड ईवी डे (World EV Day 2022) के अवसर पर दिल्ली से जयपुर ई-हाईवे (Electric Highway) के दूसरे और अंतिम फेज के ट्रायल रन की आरंभ की गई। इस 278 किलोमीटर के हाईवे (Electric Highway) पर इलेक्ट्रिक बस और कार को महीने भर के लिए लगे चार्जर और तकनीक के साथ ट्रायल हुआ।

नेशनल हाईवे फॉर इलेक्ट्रिकल वीइकल्स (NHEV) पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत 500 किलोमीटर के देश के पहले इलेक्ट्रिक एक्सप्रेसवे का 210 किलोमीटर का पहला चरण दिल्ली से आगरा तक वर्ष 2021 में पूरा लिया था। इसके ट्रायल रन की आरंभ भी दिल्ली के इंडिया गेट से हुई थी। 500 किलोमीटर का यह इलेक्ट्रिक हाइवे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान से गुजरेगा। इस इलेक्ट्रिक एक्सप्रेसवे पर 20 चार्जिंग स्टेशन और 10 इन्फ्रा डिपो बनाए जाने हैं।

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अधिक जानकारी हेतु बता दें कि भारत में मोदी सरकार ने इलेक्ट्रिक हाइवे बनाने की योजना 2016 में ही आरंभ हो गई थी। भारत ने विश्व के सबसे लंबे इलेक्ट्रिक हाईवे (Electric Highway) के निर्माण के लिए अटल हरित विद्युत राष्ट्रीय महामार्ग अर्थात AHVRM नामक योजना आरंभ की है। तब ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर नितिन गडकरी ने कहा था कि शीघ्र ही भारत में भी स्वीडन की तरह इलेक्ट्रिक हाईवे होंगे। इसके अंतर्गत सबसे पहले दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे और दिल्ली-आगरा यमुना एक्सप्रेसवे को इलेक्ट्रिक हाईवे बनाने का प्रोजेक्ट चल रहा है।

बता दें कि यमुना एक्सप्रेसवे पर इलेक्ट्रिक हाईवे का ट्रायल वर्ष 2021 में ही हो चुका है। वहीं दिल्ली-जयपुर हाईवे को इलेक्ट्रिक हाइवे बनाने के लिए ट्रायल 9 सितंबर 2022 को आरंभ हुआ। दिल्ली-जयपुर हाईवे और दिल्ली-आगरा यमुना एक्सप्रेसवे को मिलाकर लगभग 500 किलोमीटर इलेक्ट्रिक हाईवे के मार्च 2023 तक आरंभ हो जाने की आशा है। ये देश का पहला और विश्व का सबसे लंबा इलेक्ट्रिक हाईवे (Electric Highway) होगा।

ई-हाईवे बनाने पर खर्च की अधिक जानकारी हेतु बता दें कि सरकार इस इलेक्ट्रिक हाईवे (Electric Highway) को बनाने पर 2.5 लाख करोड़ रुपए खर्च कर रही है। सरकार का मानना है कि इससे देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का बाजार तेजी से बढ़ेगा। इलेक्ट्रिक हाईवेज सरकार की देश में 26 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे निर्माण की योजना का भाग हैं। सरकार का योजना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के अंतर्गत देश भर के हाईवे के किनारे लगभग 3 करोड़ पेड़ लगाने की भी है।

भारत सरकार ने इस ई हाईवे (Electric Highway) को बनाने के लिए जर्मनी की एक कंपनी से समझौता किया है। इस कंपनी ने इससे पहले जर्मनी की फ्रैंकफर्ट नगर में वर्ष 2019 में ही ई-सड़क बनाई है।
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इलेक्ट्रिक एक्सप्रेसवे पर गति की जानकारी देने हेतु बता दें कि इलेक्ट्रिक हाईवे पर वाहन हाई स्पीड पर चल सकेंगे। इस हाईवे (Electric Highway) पर वाहनों के लिए अधिकतम स्पीड 120 किमी प्रति घंटे की रहेगी। इससे प्रदूषण में भी कमी आएगी। वहीं लोग कम खर्च में अधिक यात्रा भी कर सकेंगे। सरकार का लक्ष्य न केवल एक ई-हाईवे नेटवर्क विकसित करना है अपितु वर्ष 2024 तक 5000 किलोमीटर का लोगों के अनुकूल नेटवर्क भी विकसित करना है।

आप यह सोच रहे होंगे कि क्या ही आवश्यकता है ऐसे महंगे सड़क की तो हम आपको बता दें कि भारत सरकार ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मोदी ने नवंबर 2021 में घोषणा की थी कि भारत वर्ष 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य प्राप्त कर लेगा। यह इलेक्ट्रिक हाईवे इसी लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह हाईवे हर प्रकार से इको फ्रेंडली होगा और प्रदूषण के स्तर को कम करने में अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

Varanasi Kolkata Expressway
Expressway

इसमें वाहनों को चलाने के लिए विद्युत का प्रयोग किया जाएगा, जो पेट्रोल और डीजल से सस्ता होगा। एक ओर जहां सीधे तौर पर पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी, वहीं दूसरी ओर यह पर्यावरण के लिए भी सर्वाधिक लाभकारी सिद्ध होगा। इसके साथ ही ई-हाईवे से लॉजिस्टिक कॉस्ट में भी काफी कमी आएगी। वर्तमान समय में चीजों के दाम बढ़ने का एक बड़ा कारण ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट है। ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट कम होगी तो चीजें सस्ती हो सकती हैं।

यह भी बता दें कि स्वीडन और जर्मनी में इलेक्ट्रिक हाईवे पहले से ही उपयोग में हैं। स्वीडन ई-हाईवे को आरंभ करने वाला विश्व का पहला देश है। स्वीडन ने 2016 में ई-हाईवे का ट्रायल आरंभ किया और 2018 में पहला ई-हाईवे जनता के लिए आरंभ हुआ। वहीं, स्वीडन के पश्चात जर्मनी ने 2019 में इलेक्ट्रिक हाईवे को आरंभ किया था।

मित्रों हम आशा करते हैं कि आपको इलेक्ट्रिक हाइवे परियोजना की जानकारी पसंद आई होगी, तो कमेंट बाॅक्स में हर हर महादेव अवश्य लिखें एवं यदि कोई सुझाव हो वह भी बताएं।अधिक जानकारी के लिए वीडियो देखें:-

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