भारत का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन पुनर्निर्माण का शंखनाद – New Delhi Railway Station Redevelopment
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New Delhi Railway Station Redevelopment : दिल्ली भारत की राजधानी ही नहीं देश की धड़कन भी है और यहां इस नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लाखों यात्री यात्रा करते हैं परंतु आधुनिक होते भारत में राजधानी की रेलवे स्टेशन भी तो आधुनिक होनी चाहिए, इसीलिए अब लंबे समय से रुका हुआ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास परियोजना पर कार्य आरंभ हो चुका है।

किसी भी देश को विकसित होने के लिए वहां की आधारभूत संरचनाओं का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है। और इसकी महत्ता को समझते हुए देश की वर्तमान सरकार भारत के विभिन्न आधारभूत संरचनाओं का अभूतपूर्व विकास कर रही है।
इसी क्रम में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का पूरी तरह से कायाकल्प करने की तैयारी है। RLDA को इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का दायित्व दिया गया है। 5 चरणों में स्टेशन को तैयार किया जाएगा। नए प्लान के अंतर्गत स्टेशन पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त दो बहुमंजिला इमारतें बनाई जाएंगी, एक पहाड़गंज और दूसरी अजमेरी गेट की ओर। इसके अतिरिक्त सभी 16 प्लेटफॉर्म का पुनर्विकास किया जाएगा। सभी प्लेटफॉर्म पर स्टोन-लेस ट्रैक अर्थात (बिना गिट्टी वाले ट्रैक) लगाए जाएंगे। पार्सल के लिए टनल बनाई जाएगी ताकि प्लेटफॉर्म तक सीधा माल पहुंचाया जा सके।

यही नहीं नई दिल्ली स्टेशन के चारों ओर कुल 7 फ्लाईओवर और एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनाया जाएगा। इससे स्टेशन के आसपास लंबे समय से बनी ट्रैफिक की समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा और यात्री सुविधाजनक तरीके से स्टेशन तक पहुंच सकेंगे। वहीं, इस योजना के को ध्यान में रखते हुए नई दिल्ली के बाकी स्टेशनों की स्थिति में भी सुधार का काम किया जा रहा है ताकि चरणबद्ध स्टेशन के प्लेटफॉर्म का काम हो सके। जिन प्लेटफॉर्म पर काम होगा, उससे संचालित ट्रेनों को नगर के दूसरे स्टेशनों पर स्थानांतरित करने की योजना पर कार्य संचालित है।
परियोजना की वर्तमान परिस्थिति को दर्शाते हुए निर्माण की अधिक जानकारी देने हेतु बता दें कि रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग और डीईसी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को सबसे कम बोली लगाने वाले अर्थात (एल1) के रूप में चुना है।

यह ठेका ₹2,195.68 करोड़ में दिया गया है, जो आरएलडीए की अनुमानित लागत ₹2,469 करोड़ से कम है। इस परियोजना के 45 महीनों में पूरा होने की आशा है।
एचजी इन्फ्रा इंजीनियरिंग और डीईसी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए एक संयुक्त उद्यम का गठन किया है, जिसमें एचजी इन्फ्रा की 49% हिस्सेदारी और डीईसी इन्फ्रास्ट्रक्चर की 51% हिस्सेदारी होगी।
इस परियोजना पर पुनर्विकास इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) पद्धति का पालन करेगा। इस परियोजना का उद्देश्य भारत के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक पर परिचालन दक्षता बनाए रखते हुए आधारभूत ढाँचे का आधुनिकीकरण करके यात्री अनुभव को बेहतर बनाना है।

यह भी बता दें कि पुनर्विकास परियोजना को अतीत में कई बाधाओं का सामना करना पड़ा है, क्योंकि पहले की बोलियाँ आरएलडीए के अनुमानित बजट से काफ़ी अधिक थीं। 2002-03 से कई प्रयासों के पश्चात भी परियोजना को वित्तीय और प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ा था।
यही नहीं इसके पश्चात वर्ष 2021 में, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विचार किया गया था, परंतु उच्च उद्धृत लागत के कारण इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
आपको हम बता दें कि इस पुनर्विकास की एक बड़ी चुनौती स्टेशन के आसपास के अजमेरी गेट और पहाड़गंज क्षेत्रों में अत्यधिक भीड़भाड़ है। ये घनी जनसंख्या वाले क्षेत्र बड़े पैमाने की आधारभूत ढांचा परियोजनाओं के लिए रसद संबंधी कठिनाइयाँ उत्पन्न करते हैं।

रेलवे अधिकारियों ने पहले ही स्वीकार किया है कि यातायात प्रबंधन और व्यवधानों को न्यूनतम करना परियोजना की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा।
बता दें कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का प्रस्ताव पहली बार 2002-03 में रखा गया था, परंतु पर्याप्त धन नहीं जुटाया जा सका। यह विचार 2008-09 में फिर से सामने आया, किंतु योजनागत समस्याओं का सामना करना पड़ा। तत्पश्चात नवीनतम योजना को 2022 में गति मिली जब रेल मंत्रालय ने एक प्रस्तावित डिज़ाइन जारी किया, जिसमें बेहतर यात्री सुविधाओं और उन्नत सुविधाओं का प्रदर्शन किया गया।
बता दें कि उत्तर रेलवे के प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 16 के पास दो नई स्टेशन इमारतें बनाई जाएंगी। इसके लिए वर्तमान स्टेशन भवनों को हटाया जाएगा। नई इमारतों का कुल निर्मित क्षेत्र करीब 1,09,000 वर्ग मीटर होगा, जो वर्तमान 17,274 वर्ग मीटर क्षेत्र से कई गुना अधिक है। अभी स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 4 लाख यात्रियों का आवागमन होता है, जबकि नई संरचना के बाद यह क्षमता बढ़कर 7 लाख यात्रियों प्रतिदिन तक पहुंच जाएगी।

इसके अतिरिक्त आपको हम बता दें कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास परियोजना के पहले चरण के अंतर्गत एक वृहद होल्डिंग एरिया का निर्माण किया जा चुका है जो कि पिछले वर्ष दिवाली के अवसर पर जनता को समर्पित भी किया जा चुका है।
स्टेशन निर्माण की अधिक जानकारी हेतु बता दें कि पहाड़गंज की ओर से यह पुनर्विकास कार्य आरंभ हो चुका है, और इसे कुल 45 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी द्वारा पहले प्लेटफॉर्म संख्या 1 से 5 और फिर 6 से 9 को विकसित किया जाएगा। पुनर्विकास में स्टेशन के दोनों ओर नई इमारतों के साथ सभी 16 प्लेटफॉर्म एवं ट्रैक को नए सिरे से बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त स्टेशन के आसपास कुल 7 फ्लाईओवर भी बनाए जाएंगे, ताकि जाम की समस्या न हो।

बता दें कि सबसे पहले प्लेटफॉर्म संख्या 1 से 5 पुनर्विकसित होगा। इसमें लगभग चार माह का समय लगेगा। दूसरे फेज में प्लेटफॉर्म संख्या 6 से 9 को विकसित किया जाएगा। इस समयावधि में प्लेटफॉर्म संख्या 10 से 16 तक की गाड़ियां सामान्य रूप से चलती रहेंगी। तीसरे चरण में प्लेटफॉर्म संख्या 10 से 13, जबकि चौथे फेज में 14 से 16 पर काम चलेगा। इस समयावधि प्लेटफॉर्म संख्या 1 से 9 तक की गाड़ियां वापस नई दिल्ली से बहाल हो जाएंगी।
इसके अंतर्गत सबसे पहले नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया निर्मित किया जा चुका है। अजमेरी गेट की ओर बने इस होल्डिंग एरिया को अनारक्षित टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बनाया गया है। उन्हें यहां पर ठहरने का स्थान मिलेगा और जब गाड़ी आएगी, तो उन्हें प्लेटफॉर्म पर भेजा जाएगा। इससे नई दिल्ली स्टेशन के भीतर भीड़ को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी।

रेलवे अधिकारी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से कुछ रेलगाड़ियों को दूसरे स्टेशनों पर शिफ्ट करने पर कार्य रहे हैं। इसके लिए आनंद विहार में दो, जबकि शकूर बस्ती में तीन नए प्लेटफॉर्म भी तैयार किए गए हैं। शीघ्र ही पंजाब, जम्मू-कश्मीर जाने वाली कुछ गाड़ियों को शकूर बस्ती, जबकि पूर्व की ओर जाने वाली गाड़ियों को आनंद विहार शिफ्ट किया जाएगा। धीरे-धीरे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलने वाली गाड़ियों को दूसरे स्टेशनों पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। मुख्यतौर पर यूपी-बिहार और पश्चिम बंगाल रूट की गाड़ियों को आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर शिफ्ट किया जाएगा।
मध्य प्रदेश, गुजरात आदि जाने वाली ट्रेनों को हजरत निजामुद्दीन शिफ्ट किया जा सकता है। इसी प्रकार से राजस्थान रूट की ट्रेनों को दिल्ली कैंट से चलाने की योजना है। कुछ गाड़ियों को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशनों पर भी शिफ्ट किया जा सकता है। ट्रेनों को शिफ्ट करने से पहले रेलवे की ओर से बकायदा इसकी पूर्व सूचना और लिस्ट जारी की जा रही है। जिसकी जानकारी भी हम अपने Travel SRJ & News SRJ YouTube Channel तथा Travel SRJ Facebook Page पर दे रहे हैं।

आपको बता दें कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए निर्माण कार्य आरंभ हो चुका है। इसके पहले चरण में स्टेशन के पहाड़गंज की ओर मल्टी माडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) बनाने का काम होगा। सभी पुनर्विकास कार्य पर 4,744 करोड़ खर्च होने की आशा है।
इससे रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को एयरपोर्ट की तरह सुविधाएं मिलने के साथ ही भीड़ प्रबंधन में सरलता होगी। स्टेशन के आसपास यातायात व्यवस्था को सुधारने में सहायता मिलेगी जिससे कि यात्री आसानी से यहां पहुंच सकेंगे।
मित्रों यदि दी हुई नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना की जानकारी आपको पसंद आई हो तो कमेंट बाॅक्स में अपने गांव अथवा जिले का नाम अवश्य लिखें एवं यदि कोई सुझाव हो वह भी बताएं।
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