काशी रोपवे का 95% काम पूरा, जल्द शुरू हो सकता है सफर
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वाराणसी | 4 नवंबर 2026
धर्म और आध्यात्मिकता की नगरी काशी में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। वाराणसी में निर्माणाधीन काशी रोपवे परियोजना का लगभग 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इस परियोजना के शुरू होने के बाद वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक का सफर महज 16 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
करीब 3.85 किलोमीटर लंबे इस रोपवे का उद्देश्य शहर के व्यस्त और भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात का दबाव कम करना और श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों को परिवहन का एक आधुनिक विकल्प उपलब्ध कराना है। फिलहाल इस मार्ग पर सड़क से यात्रा करने में ट्रैफिक के अनुसार 30 से 45 मिनट तक का समय लग सकता है।

पांच स्टेशनों से जुड़ेगी काशी
काशी रोपवे परियोजना के तहत कुल पांच स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इनमें वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन, काशी विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर और गोदौलिया शामिल हैं। गिरजाघर स्टेशन को तकनीकी स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इस पूरे कॉरिडोर में 29 टावर बनाए गए हैं। परियोजना में लगभग 148 गंडोले लगाए जाने की योजना है। प्रत्येक गंडोले में एक समय पर 10 यात्री सफर कर सकेंगे। इससे शहर के प्रमुख हिस्सों के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
कितना होगा किराया और कितने समय में पूरा होगा सफर?
रोपवे के संचालन के बाद कैंट से गोदौलिया तक की पूरी यात्रा लगभग 16 मिनट में पूरी होने का अनुमान है। पूरी यात्रा का प्रस्तावित सामान्य किराया 50 रुपये बताया गया है। एक स्टेशन से अगले स्टेशन तक यात्रा करने के लिए लगभग 10 रुपये किराया निर्धारित होने की जानकारी सामने आई है।
यह सुविधा खासतौर पर उन यात्रियों के लिए उपयोगी हो सकती है जो ट्रेन से वाराणसी पहुंचकर काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाटों की ओर जाना चाहते हैं।

ट्रायल रन और तकनीकी परीक्षण पर जोर
परियोजना का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। हालिया अपडेट के अनुसार अब रथयात्रा से गोदौलिया के बीच बचे हुए कार्यों और ट्रायल रन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यात्रियों के लिए सेवा शुरू करने से पहले तकनीकी परीक्षण, सुरक्षा जांच और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जानी हैं।
मंडलायुक्त एस. राजलिंगम के अनुसार औपचारिक उद्घाटन की तारीख तय करने का निर्णय लगभग दो सप्ताह में अपेक्षित है। वहीं, हालिया रिपोर्टों में दिसंबर 2026 से यात्री सेवा शुरू होने की संभावना भी जताई गई है। हालांकि, अंतिम तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
काशी के पर्यटन को मिल सकती है नई पहचान
काशी विश्वनाथ मंदिर, दशाश्वमेध घाट, गंगा आरती और अन्य धार्मिक स्थलों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में रोपवे सेवा शुरू होने से शहर की परिवहन व्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना को केवल परिवहन सुविधा के रूप में ही नहीं, बल्कि काशी के पर्यटन और आधुनिक शहरी विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद पर्यटकों को शहर का नजारा आसमान से देखने का एक नया अनुभव भी मिलेगा।
फिलहाल काशीवासियों और यहां आने वाले श्रद्धालुओं की नजर इस बात पर है कि बहुप्रतीक्षित रोपवे सेवा कब से आम यात्रियों के लिए शुरू होती है।

