दो नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की तैयारी तेज, वाराणसी-दिल्ली और मुंबई-बेंगलुरु रूट पर जानें किराया, टाइमिंग और स्टॉपेज
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नई दिल्ली। लंबी दूरी की रेल यात्रा को अधिक आरामदायक बनाने के लिए भारतीय रेलवे दो नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की शुरुआत की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित सेवाओं में एक ट्रेन वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलेगी, जबकि दूसरी मुंबई और बेंगलुरु को जोड़ेगी। इन ट्रेनों के शुरू होने से यात्रियों को रात में सफर करने और अगले दिन सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचने का एक नया विकल्प मिल सकता है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुंबई-बेंगलुरु सेवा का उद्घाटन 31 अक्टूबर 2026 और वाराणसी-नई दिल्ली सेवा का उद्घाटन 1 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है। हालांकि, नियमित परिचालन और अंतिम समय-सारणी की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
1. वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलेगी वंदे भारत स्लीपर
काशी और देश की राजधानी दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन उपयोगी साबित हो सकती है। इस सेवा से वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और दिल्ली के बीच रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की उम्मीद है।
इस रूट पर धार्मिक यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और कारोबारियों को विशेष सुविधा मिल सकती है। रात में ट्रेन से रवाना होकर सुबह दिल्ली पहुंचने का विकल्प यात्रियों का समय बचाने में मदद कर सकता है।
वाराणसी-दिल्ली ट्रेन का संभावित रूट और समय
प्रस्तावित समय-सारणी के मुताबिक, ट्रेन नंबर 27421 वाराणसी जंक्शन से रात 8:50 बजे रवाना हो सकती है। इसके बाद प्रयागराज जंक्शन पर रात 10:35 बजे पहुंचने और पांच मिनट के ठहराव के बाद 10:40 बजे आगे चलने का समय निर्धारित बताया गया है।
ट्रेन के रात 12:40 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचने और अगले दिन सुबह 5:55 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने की संभावना है।
वापसी में ट्रेन नंबर 27422 नई दिल्ली से रात 9:40 बजे चलने और अगले दिन सुबह 6:45 बजे वाराणसी पहुंचने की संभावित समय-सारणी बताई गई है। वापसी यात्रा में प्रयागराज में भी ठहराव प्रस्तावित है।
बताया जा रहा है कि यह ट्रेन शनिवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चल सकती है। हालांकि, यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले रेलवे की आधिकारिक समय-सारणी अवश्य जांचनी चाहिए।

2. मुंबई से बेंगलुरु के बीच भी मिलेगी स्लीपर ट्रेन की सुविधा
दूसरी प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर सेवा महाराष्ट्र और कर्नाटक के प्रमुख शहरों को जोड़ेगी। यह ट्रेन मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से बेंगलुरु के सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) तक चलाने की योजना है।
इस रूट की कुल दूरी लगभग 1,120 किलोमीटर बताई गई है। प्रस्तावित समय के अनुसार, यात्रा करीब 15 घंटे 45 मिनट में पूरी हो सकती है। इससे मौजूदा कुछ एक्सप्रेस सेवाओं की तुलना में यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
मुंबई-बेंगलुरु ट्रेन का रूट और संभावित टाइमिंग
प्रस्तावित मार्ग में कल्याण, पुणे, सोलापुर, कलबुर्गी, रायचूर, गुंतकल और अनंतपुर जैसे स्टेशन शामिल हैं।
संभावित समय-सारणी के अनुसार, ट्रेन मुंबई से रात 8:10 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 11:55 बजे बेंगलुरु पहुंच सकती है।
वापसी यात्रा में ट्रेन बेंगलुरु से शाम 7:50 बजे चलकर अगले दिन सुबह 11:55 बजे मुंबई पहुंचने का प्रस्ताव है।
इस सेवा से दोनों शहरों के बीच यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को लाभ मिल सकता है। ट्रेन के नियमित परिचालन से जुड़ी अंतिम जानकारी रेलवे की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
3. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया कितना होगा?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के किराये को लेकर यात्रियों की दिलचस्पी बनी हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, किराया यात्रा की दूरी और चुनी गई श्रेणी के आधार पर निर्धारित किया जाता है।
बताए गए किराया ढांचे में अलग-अलग श्रेणियों के लिए प्रति यात्री प्रति किलोमीटर लगभग ₹2.40 से ₹3.80 तक की दरें शामिल हैं।
तीसरी एसी (3AC) श्रेणी के लिए ₹2.40 प्रति यात्री प्रति किलोमीटर की दर के हिसाब से 1,000 किलोमीटर की यात्रा का सांकेतिक मूल किराया ₹2,400 बनता है। इसमें जीएसटी और लागू अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं।
वाराणसी-दिल्ली और मुंबई-बेंगलुरु के लिए वास्तविक टिकट की कीमत यात्रा की दूरी, श्रेणी और रेलवे द्वारा लागू अंतिम किराया व्यवस्था पर निर्भर करेगी। इसलिए सटीक किराये के लिए आधिकारिक बुकिंग विवरण देखना जरूरी है।
4. क्या वंदे भारत स्लीपर में RAC टिकट मिलेगा?
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में RAC यानी रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन की सुविधा नहीं होगी। हालांकि, कन्फर्म टिकट रद्द होने पर प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों का टिकट उपलब्धता और रेलवे के नियमों के अनुसार कन्फर्म हो सकता है।
इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं और गर्भवती महिलाओं के लिए लोअर बर्थ आरक्षण का प्रावधान बताया गया है। संबंधित बर्थ की संख्या कोच की श्रेणी और उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार निर्धारित होगी।
दिव्यांग यात्रियों और उनके सहायकों के लिए भी निर्धारित नियमों के अनुसार आरक्षित बर्थ की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है।

5. ट्रेन में खाने-पीने की क्या व्यवस्था होगी?
दोनों प्रस्तावित ट्रेनों में यात्रियों के खानपान की व्यवस्था को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया बताई गई है। इसके लिए भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के साथ मेन्यू तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
यात्रियों को क्षेत्रीय व्यंजनों के विकल्प भी मिल सकते हैं। हालांकि, अंतिम मेन्यू और खानपान से जुड़ी सुविधाओं की पुष्टि संबंधित आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।
6. यात्रियों को क्या होगा फायदा?
दो नई वंदे भारत स्लीपर सेवाओं की शुरुआत से लंबी दूरी की रात की यात्रा के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलने की उम्मीद है। वाराणसी-दिल्ली मार्ग पर धार्मिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक यात्रियों को फायदा हो सकता है। वहीं, मुंबई-बेंगलुरु मार्ग पर यात्रा समय कम होने और रात में आराम से सफर करने का विकल्प मिलने की संभावना है।
स्लीपर श्रेणी वाली इन ट्रेनों का उद्देश्य यात्रियों को लंबी दूरी तय करने के दौरान अधिक सुविधाजनक यात्रा अनुभव देना है। यदि प्रस्तावित सेवाएं निर्धारित योजना के अनुसार शुरू होती हैं, तो दोनों प्रमुख रेल मार्गों पर यात्रियों के पास एक और विकल्प उपलब्ध होगा।
महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई रूट, समय-सारणी, स्टॉपेज, किराये और उद्घाटन से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित हैं। अंतिम परिचालन कार्यक्रम और टिकट संबंधी विवरण के लिए भारतीय रेलवे की आधिकारिक घोषणा को ही मान्य माना जाए।

