लोहे सी बनेगी मंदिर की दीवार Ram Mandir Nirman Latest Update
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Ram Mandir Nirman : अयोध्या, श्री राम की जन्मभूमि। ये वो पवित्र स्थान है, जिसे ‘धर्म, संस्कृति और सभ्यता का आधार’ माना गया है। त्रेता युग में भगवान राम का जन्म यहीं हुआ था। और इसी स्थान पर हिंदूओं की 500 वर्षों की तपस्या का फलस्वरूप अब रामलला का मंदिर निर्माण हो रहा है।

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बन रहा भव्य मंदिर अब अपनी पूर्णता की ओर अग्रसर है। मंदिर के मुख्य शिखर का निर्माण पूरा हो चुका है और अब उस पर लगी लोहे की पाइपों और सटरिंग को धीरे-धीरे हटाया जा रहा है जो काफी नीचे तक आ चुकी हैं। जैसे-जैसे सटरिंग हट रही है, मंदिर का भव्य और दिव्य स्वरूप सामने आ रहा है, जिसे देखकर श्रद्धालु खुश हो रहे हैं।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और निर्माण एजेंसी एलएंडटी की देखरेख में हो रहे इस कार्य को विशेष दक्षता और सुरक्षा मानकों के साथ परिणाम दिया जा रहा है। मंदिर का शिखर 161 फीट ऊंचा है और इसे गुलाबी बलुआ पत्थरों से पारंपरिक मंदिर वास्तुकला शैली में तैयार किया गया है। शिखर पर की गई नक्काशी और पत्थर की घिसाई इसकी सुंदरता को और निखार रही है।
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महत्वपूर्ण है कि मंदिर के मुख्य शिखर पर चढ़ाया जाने वाला ध्वज और स्वर्ण कलश भी तैयार हो रहा है। माना जा रहा है कि विवाह पंचमी के दिन अर्थात 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों शिखर पर ध्वज फहराने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस आयोजन को प्राण प्रतिष्ठा के स्तर की भव्यता देने की तैयारी है।
अभी से देशभर से श्रद्धालु मंदिर के बाहरी परिसर से शिखर के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर से जुड़ी हर गतिविधि पर श्रद्धालुओं की गहरी नजर है और वे इसकी प्रगति को लेकर अत्यंत उत्साहित हैं।
तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर का निर्माण पहले ही पूर्ण हो चुका है और अब परकोटा और बाहर का निर्माण को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंदिर की भव्यता और विशालता को देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी है।

निर्माण की अधिक जानकारी देने हेतु बता दें कि राम मंदिर के चारों ओर बन रहे 800 मीटर लंबे भव्य परकोटे का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार अब तक लगभग साढ़े सात लाख घनफीट पत्थर परकोटे में लग चुका है। केवल 500 घनफीट पत्थर का काम बचा है, जो शीघ्र पूरा हो जाएगा। इस प्रकार से परकोटे का 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। लगातार हो रही बारिश के चलते मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं, इनकी गति सुस्त हो रही है।
बता दें कि 14 फीट ऊंचे परकोटे की दीवारों में गुलाबी बलुआ पत्थर (वंशी पहाड़पुर के लाल पत्थर) की नक्काशी इसे न केवल मजबूत, अपितु अद्वितीय आभा प्रदान कर रही है। शिल्पकारों ने हर पत्थर पर बारीक नक्काशी और पारंपरिक स्थापत्य शैली का अद्भुत संगम गढ़ा है। परकोटा की छत पर अद्भुत नक्काशी की गई है। ट्रस्ट अधिकारियों के अनुसार, यदि मौसम अनुकूल रहा तो अक्तूबर में परकोटे का पूरा निर्माण पूरा हो जाएगा। राम मंदिर में टाइटेनियम की जालियां लगाने का काम भी आरंभ कर दिया गया है। पिछले एक पखवाड़े से लगातार हो रही बारिश के चलते कार्यों की गति प्रभावित हुई है। राम मंदिर के शिखर पर चल रही वाटरप्रूफिंग का कार्य फिलहाल रोक दिया गया है, बारिश के बाद इसे किया जाएगा।
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इसके अतिरिक्त आपको हम बता दें कि परकोटा की दीवारों को राम कहानियों से सज्जित किया जा रहा है। इसके लिए कांस्य के 80 म्यूरल लगाए जाने हैं। अब तक 70 म्यूरल यानी भित्ति चित्र लगाए जा चुके हैं। अब शेष 10 म्यूरल सितंबर के पहले सप्ताह में लगाए जाएंगे। ट्रस्ट के एक पदाधिकारी ने बताया कि परकोटा की जिस दीवार पर ये म्यूरल लगाए जाने हैं, वह अभी तैयार नहीं है। अगस्त के अंत तक यह दीवार बन जाएगी, तत्पश्चात से म्यूरल से सजाया जाएगा। उन्होंने बताया कि परकोटा निर्माण के साथ मलबा हटाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है।
बता दें कि राम मंदिर का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। इसके प्रथम व द्वितीय तल पर फिनिशिंग ही चल रही है। इसके कारण कार्यदायी संस्था लार्सन एंड टुब्रो ने मुख्य शिखर निर्माण के समय चारों ओर से लगाए गए लोहे के पाइप व शटरिंग के सामान को समेटना आरंभ कर दिया है।

द्वितीय तल की छत से लगभग 85 फीट ऊपर जाने के लिए लगाए गए लोहे के पाइप को लगभग 70 फीट तक हटा भी लिया गया है। अब केवल 15 फीट तक ही पाइप खोलना शेष है। पाइप व अन्य सामग्री हटा लिए जाने और शिखर की फिनिशिंग पूरी हो जाने के पश्चात मुख्य शिखर दूर से ही दिखाई पड़ने लगा है। अब राम मंदिर का मुख्य शिखर व इसके ऊपर स्थापित स्वर्ण मंडित कलश अपनी आभा से दर्शनार्थियों को आकर्षित करने लगा है।
एलएंडटी के परियोजना निदेशक ने कहा कि शीघ्र ही राम मंदिर परिसर में लगे समस्त पाइप व अन्य सामान हटा लिए जाएंगे। परिसर में जारी फिनिशिंग में ही श्रमिक लगे हैं। शीघ्र यह भी पूरी हो जाएगी।
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इसके अतिरिक्त आपको हम बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट ने परिसर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 45 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली हाईटेक बाउंड्री वॉल के निर्माण को स्वीकृति दे दी है। अब राम मंदिर के चारों ओर एक मजबूत दीवार भी बनाई जाएगी। इसको लेकर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष निपेंद्र मिश्रा ने अयोध्या जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बड़ी बैठक की। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राम मंदिर के चारों तरफ लगभग 4 किलोमीटर लंबी दीवार बनाई जाएगी।
सुरक्षा की दृष्टि से यह दीवार इतनी मजबूत होगी कि कोई भी व्यक्ति यदि दीवार के पास खड़ा रहे तो टावर पर खड़े सुरक्षाकर्मी को यह बात पता चल सके। यानी दीवार में सेंसर भी लगाए जाएंगे। हाईटेक बाउंड्री वॉल का निर्माण का कार्य अगले 15 दिन में आरंभ हो जाएगा। इसमें अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण, सेंसर और वॉच टावर लगाए जाएंगे ताकि किसी भी अनधिकृत प्रवेश की सूचना तत्काल मिल सके।

यदि आप यह जानना चाहते हैं कि कब तक होगा मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण तो आपको हम बता दें कि भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष निपेंद्र मिश्रा के अनुसार मंदिर निर्माण का काम अब अंतिम चरण में है और दिसंबर 2025 तक संपूर्ण परिसर का निर्माण पूरा हो जाएगा।
इसके अतिरिक्त आपको हम लागत की जानकारी देने हेतु बता दें कि अयोध्या के भव्य राम मंदिर का निर्माण जारी है। अब तक इस मंदिर के निर्माण में लगभग 1700 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। और मंदिर का लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।

अधिक जानकारी हेतु बता दें कि वित्तीय सत्र 2024-25 में मंदिर निर्माण समेत अन्य योजनाओं पर 652 करोड़ का खर्च आया है। मंदिर निर्माण का आरंभ पांच अगस्त 2020 को पीएम नरेंद्र मोदी ने की थी। पिछले साढ़े चार वर्षों में मंदिर निर्माण पर करीब 1250 करोड़ व अन्य योजनाओं पर 450 करोड़ से अधिक खर्च किए जा चुके हैं।
मंदिर परिसर में अभी दक्षिण दिशा में प्रवेश द्वार का निर्माण चल रहा है। तत्पश्चात गेट नंबर तीन पर द्वार का निर्माण होगा। दक्षिण दिशा में ही संग्रहालय, विश्रामालय व ट्रस्ट कार्यालय भवन का भी निर्माण किया जाना है। इसके अतिरिक्त सरयू तट स्थित रामकथा संग्रहालय के सुंदरीकरण का काम लगातार जारी है। इन सभी निर्माण कार्यों को पूरा करने की समय सीमा अप्रैल 2026 तय की गई है। मंदिर समेत परिसर में निर्माणाधीन अन्य प्रकल्पों के निर्माण में कुल दो हजार करोड़ खर्च होने का अनुमान राम मंदिर ट्रस्ट ने लगाया है।
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