काशी में बनेंगे दो हाईटेक क्रूज टर्मिनल, ₹300 करोड़ की योजना

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वाराणसी। धर्म और आध्यात्मिकता की नगरी काशी में पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योजना सामने आई है। गंगा नदी में क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वाराणसी में दो आधुनिक क्रूज टर्मिनल विकसित करने की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित परियोजना के तहत रामनगर और सामने घाट में अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस टर्मिनल बनाए जाने की योजना है।

4 नवंबर 2026 को प्रकाशित जानकारी के अनुसार, दोनों टर्मिनलों पर लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च होने का प्रस्ताव बताया गया है। रामनगर और सामने घाट में प्रत्येक टर्मिनल के लिए 150-150 करोड़ रुपये की लागत का उल्लेख किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य गंगा में क्रूज संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाना और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

Varanasi to Get ₹300 Crore Project to Boost River Tourism
Varanasi to Get ₹300 Crore Project to Boost River Tourism

वाराणसी। धर्म और आध्यात्मिकता की नगरी काशी में पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योजना सामने आई है। गंगा नदी में क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वाराणसी में दो आधुनिक क्रूज टर्मिनल विकसित करने की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित परियोजना के तहत रामनगर और सामने घाट में अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस टर्मिनल बनाए जाने की योजना है।

4 नवंबर 2026 को प्रकाशित जानकारी के अनुसार, दोनों टर्मिनलों पर लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च होने का प्रस्ताव बताया गया है। रामनगर और सामने घाट में प्रत्येक टर्मिनल के लिए 150-150 करोड़ रुपये की लागत का उल्लेख किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य गंगा में क्रूज संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाना और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

सामने घाट पर छोटे क्रूज और स्थानीय पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

दूसरा क्रूज टर्मिनल सामने घाट में विकसित करने की योजना है। यहां से छोटी दूरी के क्रूज संचालित किए जा सकेंगे। इससे पर्यटकों को गंगा के किनारे स्थित धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को नदी के रास्ते देखने का अवसर मिल सकता है।

सामने घाट पर प्रस्तावित टर्मिनल के लिए भूमि भी चिह्नित किए जाने की जानकारी दी गई है। इससे मौजूदा घाटों पर नावों और क्रूज की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

एयरपोर्ट जैसी होंगी आधुनिक सुविधाएं

प्रस्तावित टर्मिनलों की सबसे खास बात यहां विकसित की जाने वाली आधुनिक यात्री सुविधाएं होंगी। योजना के अनुसार, रामनगर टर्मिनल पर यात्रियों के लिए निम्न सुविधाएं प्रस्तावित हैं:

  • आधुनिक प्रतीक्षालय और यात्री सुविधा केंद्र।
  • यात्रियों के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार।
  • आधुनिक सुरक्षा जांच और निगरानी व्यवस्था।
  • विदेशी पर्यटकों के लिए इमिग्रेशन काउंटर।
  • बड़े क्रूज जहाजों के लिए बेहतर बर्थिंग सुविधाएं।
  • सड़क, रेल और हवाई परिवहन से कनेक्टिविटी।

इन सुविधाओं का उद्देश्य क्रूज यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित अनुभव उपलब्ध कराना है। हालांकि, इन सभी सुविधाओं का अंतिम स्वरूप विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और स्वीकृत डिजाइन पर निर्भर करेगा।

Ramnagar Terminal to Handle Large Luxury Cruises
Ramnagar Terminal to Handle Large Luxury Cruises

स्थानीय लोगों के लिए खुलेंगे रोजगार के नए अवसर

इस परियोजना का लाभ केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहने वाला है। क्रूज संचालन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

क्रूज यात्रियों की संख्या बढ़ने पर नाविकों, टूरिस्ट गाइड, अनुवादकों, जेटी संचालकों, कलाकारों और होटल-रेस्टोरेंट व्यवसाय से जुड़े लोगों को फायदा मिलने की संभावना है।

इसके साथ ही बनारसी साड़ी, लकड़ी के खिलौने, पीतल के उत्पाद और स्थानीय हस्तशिल्प को भी नए ग्राहक मिल सकते हैं। इससे काशी की पारंपरिक कला और संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिल सकती है। Jagran

गंगा में प्रदूषण कम करने पर भी रहेगा जोर

प्रस्तावित योजना में पर्यावरण संरक्षण को भी महत्व दिया गया है। जानकारी के अनुसार, क्रूज जहाजों के टर्मिनल पर ठहरने के दौरान किनारे से बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। इससे जहाजों के इंजन बंद रखे जा सकेंगे और वायु तथा ध्वनि प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है।

भविष्य में इलेक्ट्रिक क्रूज जहाजों के लिए बैटरी चार्जिंग सुविधाओं की तकनीकी संभावनाओं का भी आकलन किया जाएगा।

काशी के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान

वाराणसी पहले से ही धार्मिक पर्यटन, गंगा आरती, काशी विश्वनाथ मंदिर और अपने ऐतिहासिक घाटों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। गंगा विलास जैसे लंबी दूरी के रिवर क्रूज ने भी वाराणसी को नदी पर्यटन के अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर पहचान दिलाई है।

भारत सरकार ने नवंबर 2025 में उत्तर प्रदेश में अंतर्देशीय जल परिवहन और क्रूज पर्यटन के विस्तार के लिए कई समझौतों की जानकारी दी थी। इसमें वाराणसी में दो नए क्रूज टर्मिनलों के लिए 200 करोड़ रुपये के निवेश का उल्लेख किया गया था। वहीं, फरवरी 2026 में संसद में दिए गए एक आधिकारिक जवाब में इस परियोजना की स्थिति डीपीआर चरण में बताई गई थी।

अब नवंबर 2026 की नई रिपोर्ट में 300 करोड़ रुपये की संशोधित या प्रस्तावित लागत का उल्लेख सामने आया है। हालांकि, 200 करोड़ और 300 करोड़ रुपये के आंकड़ों में अंतर को लेकर अंतिम आधिकारिक परियोजना लागत की पुष्टि होना अभी बाकी है।

यदि यह परियोजना प्रस्तावित स्वरूप में विकसित होती है, तो आने वाले वर्षों में काशी का गंगा क्रूज पर्यटन और अधिक आधुनिक, व्यवस्थित और आकर्षक हो सकता है।

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