2 दिसंबर को खुलेगा काशी का इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम?
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वाराणसी। काशी अब धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ देश के क्रिकेट मानचित्र पर भी अपनी नई पहचान बनाने की तैयारी में है। वाराणसी के गंजारी (राजातालाब) में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। स्टेडियम के उद्घाटन के लिए 2 दिसंबर 2026 की तारीख प्रस्तावित बताई जा रही है। इस भव्य आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, उनके दौरे और उद्घाटन कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।इस परियोजना से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) ने अपने 2026-27 क्रिकेट सीजन के कैलेंडर में वाराणसी को नए क्रिकेट सेंटर के रूप में शामिल किया है। इसके तहत गंजारी स्टेडियम को अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी के दो मुकाबलों की मेजबानी भी सौंपी गई है।

UPCA के कैलेंडर में शामिल हुआ वाराणसी स्टेडियम
वाराणसी के क्रिकेट इतिहास के लिए इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। UPCA ने आगामी घरेलू क्रिकेट सीजन के लिए वाराणसी और अयोध्या को नए सेंटर के रूप में शामिल किया है।
वाराणसी के गंजारी स्टेडियम में कूच बिहार ट्रॉफी के दो मुकाबले आयोजित किए जाने हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पहला मुकाबला 3 से 6 दिसंबर 2026 के बीच उत्तर प्रदेश और पुडुचेरी के बीच खेला जाएगा। वहीं दूसरा मुकाबला 11 से 14 दिसंबर के बीच उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की टीमों के बीच प्रस्तावित है।
इसका मतलब है कि वाराणसी को केवल एक नया क्रिकेट स्टेडियम ही नहीं मिल रहा, बल्कि शहर को राष्ट्रीय स्तर के घरेलू क्रिकेट आयोजन के लिए भी तैयार किया जा रहा है। कूच बिहार ट्रॉफी भारत की प्रमुख अंडर-19 घरेलू प्रतियोगिताओं में शामिल है, जिसमें युवा क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।
BCCI की NOC पर टिकी प्रतिस्पर्धी क्रिकेट की शुरुआत
स्टेडियम के निर्माण का काम पूरा होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की आधिकारिक मंजूरी से जुड़ी है।किसी नए मैदान पर आधिकारिक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट आयोजित करने से पहले BCCI की आवश्यक जांच और अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जरूरी है। इसके लिए BCCI की निरीक्षण टीम द्वारा स्टेडियम की पिच, आउटफील्ड, ड्रेनेज सिस्टम, खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षा और मैच आयोजन की व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया जाना है।निरीक्षण के बाद टीम अपनी रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेगी। इसी रिपोर्ट और निर्धारित मानकों के आधार पर स्टेडियम को प्रतिस्पर्धी मुकाबलों के आयोजन की अंतिम मंजूरी मिल सकेगी।UPCA की ओर से वाराणसी में अंडर-19 मुकाबलों का आयोजन निर्धारित करना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसे BCCI की अंतिम NOC मिलने के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।
क्या IPL और WPL मुकाबलों की भी मिलेगी मेजबानी?
गंजारी स्टेडियम को लेकर सबसे दिलचस्प चर्चा भविष्य में बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित होने की है। रिपोर्टों के अनुसार, UPCA की नजर वर्ष 2027 में महिला प्रीमियर लीग (WPL) के मुकाबलों की मेजबानी पर भी है।
इसके अलावा, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के कुछ मुकाबले भी भविष्य में वाराणसी में आयोजित किए जाने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। स्टेडियम का निरीक्षण करने के लिए BCCI, लखनऊ सुपर जायंट्स और प्रसारण से जुड़ी टीमों के प्रतिनिधियों के दौरे की भी खबरें सामने आई हैं।
हालांकि, अभी तक IPL या WPL के किसी मुकाबले को वाराणसी के नाम आधिकारिक रूप से आवंटित नहीं किया गया है। इसके लिए BCCI की मंजूरी, मैदान की तैयारी और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण होंगी।
2 दिसंबर को उद्घाटन और PM मोदी के आने की चर्चा
स्टेडियम के उद्घाटन के लिए 2 दिसंबर 2026 की तारीख प्रस्तावित होने की जानकारी सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना भी जताई जा रही है।
उद्घाटन से पहले ICC अध्यक्ष जय शाह और BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला के नवंबर में स्टेडियम का निरीक्षण करने की संभावना की भी चर्चा है। इस निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य, पिच और क्रिकेट आयोजन से संबंधित सुविधाओं का जायजा लिया जा सकता है।
हालांकि, उद्घाटन की अंतिम तारीख, कार्यक्रम की रूपरेखा और प्रधानमंत्री की उपस्थिति को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

भगवान शिव की थीम पर बना है अनोखा क्रिकेट स्टेडियम
वाराणसी का यह क्रिकेट स्टेडियम अपनी आधुनिक सुविधाओं के साथ अनूठी वास्तुकला के लिए भी खास है। करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 31 एकड़ में विकसित इस परियोजना में काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को शामिल किया गया है।
स्टेडियम की प्रमुख विशेषताओं में त्रिशूल के आकार की फ्लडलाइट्स, अर्धचंद्राकार छत और डमरू से प्रेरित मीडिया सेंटर शामिल हैं। लगभग 30,000 दर्शकों की क्षमता वाला यह स्टेडियम पूर्वांचल के क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ा आकर्षण बन सकता है।
पूर्वांचल के क्रिकेट खिलाड़ियों को मिलेगा नया मंच
इस स्टेडियम के शुरू होने से वाराणसी के अलावा गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, मिर्जापुर और आसपास के जिलों के खिलाड़ियों को भी बेहतर क्रिकेट सुविधाएं मिल सकती हैं।
राष्ट्रीय स्तर के घरेलू मुकाबलों की मेजबानी से स्थानीय खिलाड़ियों को बड़े मंच पर खेलने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही शहर में खेल पर्यटन, होटल, परिवहन और स्थानीय व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
यदि प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 2 दिसंबर को स्टेडियम का उद्घाटन होता है और इसके बाद दिसंबर में घरेलू मुकाबले शुरू होते हैं, तो यह काशी के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। अब सभी की निगाहें BCCI की निरीक्षण रिपोर्ट, NOC और उद्घाटन कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।

