Varanasi Sabarmati Express 2026: पीएम मोदी आज दिखाएंगे हरी झंडी, जानें रूट और टाइमिंग

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वाराणसी/अहमदाबाद। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी और गुजरात के अहमदाबाद के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भारतीय रेलवे एक नई दैनिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने जा रहा है। वाराणसी और साबरमती के बीच चलने वाली इस नई ट्रेन का उद्घाटन 30 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात के साबरमती स्टेशन से किया जाएगा। इस नई रेल सेवा से उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के यात्रियों को एक अतिरिक्त सीधी रेल सुविधा मिलेगी।

वाराणसी-साबरमती एक्सप्रेस आज से शुरू: पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी,
वाराणसी-साबरमती एक्सप्रेस

नई ट्रेन को खासतौर पर काशी आने वाले श्रद्धालुओं, गुजरात में कारोबार करने वाले व्यापारियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभी तक वाराणसी से गुजरात जाने वाले यात्रियों को उपलब्ध ट्रेनों के समय और सीटों के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनानी पड़ती थी। ऐसे में नई ट्रेन से यात्रियों को एक और विकल्प मिलेगा।

रेलवे बोर्ड ने इस ट्रेन के नियमित संचालन के लिए गाड़ी संख्या 12206/12205 वाराणसी-साबरमती एक्सप्रेस को मंजूरी दी है। यह ट्रेन आधुनिक एलएचबी (LHB) कोच के साथ संचालित होगी। इसका प्राथमिक रखरखाव वाराणसी में किया जाएगा।

30 अक्टूबर को होगा उद्घाटन, पहले चलेगी स्पेशल ट्रेन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के साबरमती से अहमदाबाद (साबरमती)-वाराणसी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। उद्घाटन के अवसर पर ट्रेन को नियमित नंबर के बजाय विशेष ट्रेन संख्या 09405 के रूप में चलाया जाएगा।

उद्घाटन स्पेशल ट्रेन 30 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे साबरमती स्टेशन से रवाना होगी। इसके बाद यह गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्टेशनों से गुजरते हुए 31 अक्टूबर को वाराणसी पहुंचेगी।

इस उद्घाटन स्पेशल ट्रेन में कुल 22 एलएचबी कोच लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। नियमित ट्रेन का संचालन शुरू होने की तारीख और उद्घाटन स्पेशल की समय-सारिणी को अलग-अलग समझना जरूरी है।

वाराणसी से साबरमती तक कितना समय लगेगा?

रेलवे बोर्ड से स्वीकृत प्रारंभिक समय-सारिणी के अनुसार ट्रेन दोनों दिशाओं में प्रतिदिन संचालित करने की योजना के तहत मंजूर की गई है।

वाराणसी से साबरमती (गाड़ी संख्या 12206)

  • प्रस्थान: वाराणसी जंक्शन – शाम 5:30 बजे
  • आगमन: साबरमती – अगले दिन रात 8:15 बजे
  • अनुमानित यात्रा समय: 26 घंटे 45 मिनट

साबरमती से वाराणसी (गाड़ी संख्या 12205)

  • प्रस्थान: साबरमती – सुबह 5:20 बजे
  • आगमन: वाराणसी जंक्शन – अगले दिन सुबह 6:30 बजे
  • अनुमानित यात्रा समय: 25 घंटे 10 मिनट

इस समय-सारिणी के अनुसार यात्रियों को वाराणसी से गुजरात पहुंचने में लगभग 27 घंटे का समय लगेगा। वहीं, वापसी की यात्रा में लगभग 25 घंटे लगेंगे।

किन-किन राज्यों और स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन?

यह ट्रेन उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के प्रमुख रेलवे स्टेशनों को जोड़ते हुए संचालित होगी। इसके मार्ग में कई महत्वपूर्ण शहर और पर्यटन केंद्र शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्टॉपेज:

  1. मिर्जापुर
  2. सूबेदारगंज (प्रयागराज)
  3. गोविंदपुरी (कानपुर)
  4. टूंडला जंक्शन
  5. ईदगाह आगरा जंक्शन

राजस्थान के प्रमुख स्टॉपेज:
6. भरतपुर
7. नदबई
8. खेड़ली
9. मंडावर महवा रोड
10. बांदीकुई
11. गांधीनगर जयपुर
12. जयपुर
13. किशनगढ़
14. अजमेर
15. ब्यावर
16. मारवाड़ जंक्शन
17. फालना
18. आबू रोड

गुजरात के प्रमुख स्टॉपेज:
19. पालनपुर
20. मेहसाणा

इस रूट से यात्रियों को राजस्थान के कई प्रमुख शहरों और गुजरात के महत्वपूर्ण व्यावसायिक क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त रेल विकल्प मिलेगा।

22 एलएचबी कोच से लैस होगी ट्रेन, जानिए कोच की पूरी जानकारी

नई वाराणसी-साबरमती एक्सप्रेस में आधुनिक एलएचबी कोच लगाए जाएंगे। उद्घाटन स्पेशल के लिए सामने आई कोच संरचना के अनुसार ट्रेन में कुल 22 कोच होंगे।

कोच की श्रेणी इस प्रकार है:

कोच का प्रकारसंख्या
फर्स्ट एसी (1AC)1
सेकंड एसी (2AC)2
थर्ड एसी (3AC)6
स्लीपर क्लास6
जनरल कोच5
एसएलआर कोच2
कुल22

इस संरचना से एसी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी के यात्रियों को यात्रा का विकल्प मिलेगा। हालांकि, उद्घाटन स्पेशल की कोच संरचना को नियमित सेवा के लिए अंतिम संरचना मानने से पहले रेलवे की अंतिम अधिसूचना देखना जरूरी होगा।

वाराणसी और काशी के यात्रियों को क्या होगा फायदा?

नई ट्रेन का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वाराणसी और साबरमती के बीच सीधा रेल संपर्क उपलब्ध होगा। इससे केवल गुजरात जाने वाले यात्रियों को ही नहीं, बल्कि रास्ते में आने वाले राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई शहरों के यात्रियों को भी लाभ मिल सकता है।

1. काशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा

वाराणसी देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन केंद्रों में से एक है। काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन करने के लिए गुजरात और राजस्थान से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। नई ट्रेन से साबरमती और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को वाराणसी पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त सीधा रेल विकल्प मिलेगा।

2. गुजरात में रहने वाले पूर्वांचल के लोगों को राहत

गुजरात के अहमदाबाद, साबरमती और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश के बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। इनमें पूर्वांचल और वाराणसी क्षेत्र के लोग भी शामिल हैं।

नई ट्रेन से उन्हें अपने गृह जनपद और कार्यस्थल के बीच यात्रा करने के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान भी यह सेवा उपयोगी साबित हो सकती है, हालांकि वास्तविक राहत सीटों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।

3. व्यापारियों को मिलेगा लाभ

वाराणसी, कानपुर, जयपुर, अजमेर और अहमदाबाद जैसे शहर व्यापारिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इन शहरों के बीच सीधा रेल संपर्क होने से व्यापारियों की आवाजाही आसान हो सकती है।

4. विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए उपयोगी

गुजरात और राजस्थान में पढ़ाई तथा नौकरी करने वाले वाराणसी और पूर्वांचल के युवाओं को एक और यात्रा विकल्प मिलेगा। वहीं, यूपी से राजस्थान और गुजरात जाने वाले यात्रियों को भी इसका लाभ मिल सकता है।

5. पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

काशी के धार्मिक स्थलों के अलावा राजस्थान के जयपुर, अजमेर और अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंचने के लिए यह ट्रेन उपयोगी हो सकती है। इसी तरह गुजरात से काशी आने वाले पर्यटकों को भी सीधी रेल सुविधा मिलेगी।

यात्रियों को क्या नुकसान या परेशानियां हो सकती हैं?

नई ट्रेन शुरू होने से यात्रियों को कई फायदे मिलेंगे, लेकिन कुछ व्यावहारिक चुनौतियां भी हैं, जिन्हें समझना जरूरी है।

1. यात्रा में लगेगा लंबा समय

वाराणसी से साबरमती तक पहुंचने में प्रारंभिक समय-सारिणी के अनुसार लगभग 26 घंटे 45 मिनट लगेंगे। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह समय थोड़ा अधिक हो सकता है।

2. हर शहर में नहीं होगा ठहराव

हालांकि ट्रेन कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी, लेकिन रास्ते के सभी शहरों और कस्बों को इसका सीधा लाभ नहीं मिलेगा। जिन क्षेत्रों में इसका ठहराव नहीं है, वहां के यात्रियों को दूसरे स्टेशन से ट्रेन पकड़नी पड़ सकती है।

3. लंबी दूरी के कारण सीटों की मांग बढ़ सकती है

वाराणसी और गुजरात के बीच बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में त्योहारों और छुट्टियों के समय सीटों की मांग अधिक रहने की संभावना है। वास्तविक उपलब्धता और प्रतीक्षा सूची की स्थिति नियमित संचालन के बाद स्पष्ट होगी।

4. यात्रा की योजना बनाने में समय का ध्यान रखना होगा

वाराणसी से शाम 5:30 बजे प्रस्थान और अगले दिन रात 8:15 बजे साबरमती पहुंचने का समय यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने की जरूरत बताता है। इसी तरह वापसी में सुबह 5:20 बजे साबरमती से प्रस्थान करना होगा।

इसलिए यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले अपनी यात्रा के उद्देश्य, समय और कनेक्टिंग ट्रेनों का ध्यान रखना चाहिए।

ट्रेन का मेंटेनेंस कहां होगा?

इस नई रेल सेवा की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि ट्रेन का प्राथमिक अनुरक्षण (Primary Maintenance) वाराणसी में किया जाएगा। इसके लिए रेलवे की ओर से तीन एलएचबी रेक आवंटित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

लंबी दूरी की यात्रा में कोचों में पानी की उपलब्धता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए गोविंदपुरी, टूंडला, जयपुर और अजमेर जैसे स्टेशनों पर वाटरिंग की व्यवस्था की जाएगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य लंबी दूरी के सफर के दौरान यात्रियों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

क्या होगा किराया? टिकट कहां से बुक करें?

नई वाराणसी-साबरमती एक्सप्रेस के नियमित संचालन का किराया, श्रेणीवार टिकट दर और आरक्षण की उपलब्धता के बारे में यात्रियों को रेलवे की आधिकारिक बुकिंग प्रणाली से जानकारी लेनी चाहिए।

अभी बिना आधिकारिक किराया सूची के एसी, स्लीपर या जनरल श्रेणी का कोई निश्चित किराया बताना उचित नहीं होगा।

टिकट बुकिंग के लिए यात्री भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट IRCTC (www.irctc.co.in) या IRCTC Rail Connect ऐप का उपयोग कर सकते हैं।

काशी और गुजरात के बीच मजबूत होगा रेल संपर्क

वाराणसी-साबरमती एक्सप्रेस केवल एक नई ट्रेन सेवा नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और रोजगार के लिए यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। खासतौर पर काशी आने वाले गुजरात के श्रद्धालुओं और गुजरात में रहने वाले पूर्वांचल के लोगों के लिए यह ट्रेन उपयोगी साबित हो सकती है।

अब यात्रियों की नजर नियमित संचालन की अंतिम समय-सारिणी, टिकट किराये और आरक्षण शुरू होने की तारीख पर रहेगी। इन जानकारियों के आधिकारिक रूप से उपलब्ध होने के बाद यात्रियों के लिए अपनी यात्रा की योजना बनाना और आसान हो जाएगा।

नोट: उद्घाटन स्पेशल ट्रेन और नियमित ट्रेन की समय-सारिणी अलग हो सकती है। यात्रा से पहले NTES या IRCTC पर ट्रेन नंबर, तारीख, समय और स्टॉपेज की पुष्टि अवश्य करें।

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