काशी से दिल्ली तक दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस, 31 अक्टूबर को उद्घाटन की तैयारी;
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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और CM योगी आदित्यनाथ के शामिल होने की चर्चा
वाराणसी | 28 अक्टूबर 2026
धर्म और संस्कृति की नगरी काशी को जल्द ही रेलवे के क्षेत्र में एक नई सौगात मिलने की उम्मीद है। वाराणसी और नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के संचालन की तैयारियां तेज होने की खबरें सामने आ रही हैं। रेलवे बोर्ड के 27 अक्टूबर 2026 के सर्कुलर में ट्रेन नंबर 27421 और 27422 के लिए प्रस्तावित समय-सारिणी, प्रमुख स्टेशनों और संचालन संबंधी निर्देशों का उल्लेख किया गया है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस ट्रेन का उद्घाटन 31 अक्टूबर 2026 को वाराणसी में प्रस्तावित है। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के शामिल होने और ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने की संभावना जताई गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी कार्यक्रम में पहुंचने की चर्चा है। हालांकि, मुख्यमंत्री की उपस्थिति और कार्यक्रम के अंतिम विवरण की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना चाहिए।

31 अक्टूबर को काशी में हो सकता है उद्घाटन समारोह
वाराणसी से नई दिल्ली के बीच प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के उद्घाटन को लेकर रेलवे से जुड़ी तैयारियों की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 31 अक्टूबर को वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी समारोह में शामिल होने की संभावना बताई जा रही है।
यदि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उद्घाटन होता है, तो यह वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर होगा। हालांकि, उद्घाटन समारोह का समय, अतिथियों की अंतिम सूची और आम यात्रियों के लिए नियमित सेवा शुरू होने की तारीख रेलवे की आधिकारिक सूचना से ही स्पष्ट होगी।

वाराणसी से रात में रवाना होगी ट्रेन
रेलवे बोर्ड के उपलब्ध सर्कुलर के अनुसार, वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन का नंबर 27421 और वापसी में नई दिल्ली से वाराणसी आने वाली ट्रेन का नंबर 27422 होगा।
प्रस्तावित समय-सारिणी के अनुसार, वाराणसी से ट्रेन रात 8:50 बजे रवाना होगी। रास्ते में प्रमुख स्टेशनों पर निर्धारित ठहराव के बाद यह अगले दिन सुबह नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नई दिल्ली से रात 9:40 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह वाराणसी पहुंचेगी।
रात में यात्रा करके सुबह गंतव्य तक पहुंचने की व्यवस्था नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों के लिए उपयोगी हो सकती है। हालांकि, अंतिम आगमन समय और ठहराव में बदलाव होने की स्थिति में यात्रियों को रेलवे की अद्यतन समय-सारिणी देखनी चाहिए।
प्रयागराज और कानपुर समेत प्रमुख स्टेशनों का उल्लेख
रेलवे बोर्ड के सर्कुलर में वाराणसी और नई दिल्ली के बीच प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद का उल्लेख है। दस्तावेज में CYZ नाम से एक स्थान पर पासिंग समय भी दिया गया है।
ट्रेन नंबर 27421 की उपलब्ध समय-सारिणी में वाराणसी से रात 8:50 बजे प्रस्थान, प्रयागराज में रात 10:35 से 10:40 बजे तक ठहराव और कानपुर सेंट्रल में रात 12:40 से 12:45 बजे तक ठहराव दर्ज है। इसके बाद अलीगढ़ और गाजियाबाद के समय का उल्लेख किया गया है।
वापसी की ट्रेन नंबर 27422 के लिए भी नई दिल्ली, गाजियाबाद, अलीगढ़, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज और वाराणसी के समय दर्ज हैं। यात्रियों को ध्यान देना चाहिए कि अंतिम परिचालन समय और वास्तविक ठहराव की पुष्टि रेलवे की अंतिम प्रकाशित समय-सारिणी से की जानी चाहिए।
सप्ताह में छह दिन संचालन की योजना
सर्कुलर में इस सेवा को सप्ताह में छह दिन चलाने का उल्लेख किया गया है। इसमें वाराणसी से शुक्रवार को छोड़कर और नई दिल्ली से शनिवार को छोड़कर संचालन की बात दर्ज है।
इस व्यवस्था से यात्रियों को सप्ताह के अधिकांश दिनों में रात की यात्रा का विकल्प मिल सकता है। यात्रा की योजना बनाने से पहले यात्रियों को अपनी तारीख के अनुसार ट्रेन की उपलब्धता और टिकट बुकिंग की स्थिति जांचनी होगी।
मेंटेनेंस और वाटरिंग की व्यवस्था
रेलवे बोर्ड के दस्तावेज के अनुसार, वाराणसी को ट्रेन के प्राथमिक मेंटेनेंस स्थान और नई दिल्ली को सेकेंडरी मेंटेनेंस स्थान के रूप में दर्ज किया गया है। इसके अलावा प्रयागराज और कानपुर सेंट्रल में वाटरिंग की व्यवस्था का उल्लेख है।
ये व्यवस्थाएं ट्रेन के नियमित संचालन और रखरखाव से संबंधित हैं। नियमित सेवा शुरू होने से पहले रेलवे की ओर से परिचालन से जुड़ी अन्य आवश्यक जानकारियां भी जारी की जा सकती हैं।
यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?
वाराणसी और नई दिल्ली के बीच प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग नौकरी, शिक्षा, व्यापार, पर्यटन और धार्मिक यात्रा के लिए आवागमन करते हैं। ऐसे में रात में चलने वाली स्लीपर ट्रेन का विकल्प यात्रियों को अपनी यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद कर सकता है।
प्रयागराज और कानपुर जैसे शहरों के यात्रियों के लिए भी यह सेवा उपयोगी हो सकती है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्देश्य लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा के लिए आधुनिक रेल विकल्प उपलब्ध कराना है। हालांकि, किराया, कोचों की अंतिम संरचना, बर्थ की उपलब्धता और सुविधाओं की पूरी जानकारी आधिकारिक विवरण से ही स्पष्ट होगी।
टिकट बुकिंग और नियमित संचालन पर नजर
रेलवे बोर्ड के सर्कुलर में सेवा को सुविधाजनक शुरुआती तारीख से लागू करने का निर्देश दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर उद्घाटन सेवा को विशेष सेवा के रूप में चलाने और बाद में नियमित संचालन से जोड़ने का भी उल्लेख है।
इसलिए उद्घाटन समारोह और नियमित यात्री सेवा को अलग-अलग समझना जरूरी है। ट्रेन को हरी झंडी दिखाए जाने की तारीख और आम यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग शुरू होने की तारीख एक ही हो, यह जरूरी नहीं है। बुकिंग, किराये और अंतिम समय-सारिणी की जानकारी रेलवे की आधिकारिक घोषणा के बाद ही निश्चित मानी जानी चाहिए।
निष्कर्ष
वाराणसी–नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस काशी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रात्रिकालीन रेल संपर्क का एक नया विकल्प बन सकती है। रेलवे बोर्ड के उपलब्ध सर्कुलर में ट्रेन नंबर 27421 और 27422, संचालन की आवृत्ति, प्रमुख स्टेशनों और मेंटेनेंस संबंधी जानकारी दी गई है।
मीडिया रिपोर्टों में 31 अक्टूबर 2026 को उद्घाटन की संभावना जताई गई है। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के शामिल होने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचने की चर्चा है। अब यात्रियों की नजरें उद्घाटन कार्यक्रम, नियमित संचालन, टिकट बुकिंग और किराये से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर रहेंगी।
महत्वपूर्ण सूचना: यह लेख उपलब्ध रेलवे बोर्ड सर्कुलर और प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। उद्घाटन समारोह, अतिथियों की उपस्थिति, समय-सारिणी, किराये और टिकट बुकिंग से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए भारतीय रेलवे की आधिकारिक घोषणा देखें।

