देव दीपावली 2026: 24 नवंबर को जगमगाएगी काशी, घाटों पर जलेंगे लाखों दीप; गंगा महोत्सव की भी होगी धूम

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वाराणसी। धर्म और आध्यात्मिकता की नगरी काशी में देव दीपावली 2026 को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर मनाया जाने वाला यह पर्व इस वर्ष मंगलवार, 24 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दौरान गंगा के अर्धचंद्राकार घाटों पर लाखों दीप जलाए जाएंगे, जिससे पूरी काशी दीपों की रोशनी से जगमगा उठेगी। देव दीपावली का यह भव्य आयोजन हर वर्ष देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहता है।

 काशी

कितने लाख दीपों से जगमगाएंगे काशी के घाट?

देव दीपावली 2026 को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार, काशी के घाटों पर 11 लाख से अधिक दीप जलाने की योजना का उल्लेख किया गया है। वहीं, कुछ हालिया मीडिया रिपोर्टों में इस बार 25 लाख दीप जलाए जाने की बात भी कही गई है। हालांकि, दीपों की अंतिम संख्या और आयोजन का विस्तृत स्वरूप जिला प्रशासन की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

गंगा के प्रमुख घाटों से लेकर शहर के अन्य धार्मिक स्थलों तक दीपदान की परंपरा इस पर्व को विशेष बनाती है। दीपों की सुनहरी रोशनी, गंगा की लहरों पर पड़ती उनकी चमक और मंदिरों में गूंजते मंत्र काशी के आध्यात्मिक वातावरण को और भी दिव्य बना देते हैं।

Raj Ghat

24 नवंबर को मनाई जाएगी देव दीपावली

पंचांग के अनुसार, देव दीपावली कार्तिक मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में कार्तिक पूर्णिमा मंगलवार, 24 नवंबर को पड़ रही है। इसी दिन काशी में देव दीपावली का मुख्य आयोजन होगा। वाराणसी में प्रदोष काल के दौरान दीपदान का समय शाम 5:08 बजे से 7:47 बजे तक बताया गया है।

धार्मिक मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा की रात देवता पृथ्वी पर आकर भगवान शिव की नगरी काशी में दीपोत्सव मनाते हैं। इसी मान्यता के कारण इस पर्व को देव दीपावली कहा जाता है। मान्यता के अनुसार, भगवान शिव ने इसी दिन त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध कर देवताओं को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। इसी विजय की स्मृति में भी यह पर्व मनाया जाता है।

Namo Ghat

शाम को दीपदान और भव्य गंगा आरती का आकर्षण

देव दीपावली के दिन काशी के घाटों पर शाम ढलते ही दीपदान का विशेष महत्व होता है। दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, राजघाट, नमो घाट और अन्य प्रमुख घाटों पर श्रद्धालु दीप जलाकर मां गंगा की आराधना करते हैं।

इस अवसर पर भव्य गंगा आरती, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी आकर्षण का केंद्र रहते हैं। पिछले वर्षों में चेत सिंह घाट पर लेजर और प्रोजेक्शन शो जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं। हालांकि, वर्ष 2026 के कार्यक्रमों का अंतिम समय और विस्तृत सूची आधिकारिक घोषणा के बाद ही सुनिश्चित होगी।

देव दीपावली से पहले होगा गंगा महोत्सव

देव दीपावली से पहले काशी में गंगा महोत्सव का आयोजन भी किया जाता है। इस महोत्सव में भारतीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाता है।

वर्ष 2026 के लिए 20 से 23 नवंबर के बीच गंगा महोत्सव आयोजित किए जाने की जानकारी कुछ रिपोर्टों में सामने आई है। हालांकि, इसकी तारीखों, स्थानों और कलाकारों से संबंधित अंतिम कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

देश-विदेश के पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण

देव दीपावली के दौरान काशी की छटा देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक वाराणसी पहुंचते हैं। गंगा में नौका विहार करते हुए दीपों से सजे घाटों का दृश्य इस पर्व के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने देव दीपावली के अवसर पर चार दिन और तीन रात का विशेष पर्यटन पैकेज भी तैयार किया है। इसमें गंगा आरती, नौका विहार और प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

काशी की देव दीपावली केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा, संस्कृति और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक भी है। 24 नवंबर को आयोजित होने वाला यह दीपोत्सव एक बार फिर गंगा के घाटों को रोशनी से भरने और दुनिया भर के लोगों को काशी की आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का अवसर बनेगा।

नोट: दीपों की अंतिम संख्या, गंगा महोत्सव का कार्यक्रम और देव दीपावली के दिन होने वाले विशेष आयोजनों के लिए जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जाना चाहिए।

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